Gold Industry Impact : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील से ज्वेलरी इंडस्ट्री में चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों ने बिक्री घटने, सुनारों की छंटनी और शेयर बाजार पर असर की आशंका जताई है।

Gold Industry Impact : सुनारों पर छंटनी की तलवार! पीएम मोदी की गोल्ड अपील से ज्वेलरी बाजार में मचा हड़कंप
Gold Industry Impact : नई दिल्ली/वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद देशभर के ज्वेलरी बाजार में हलचल तेज हो गई है। शादी सीजन के बीच आई इस अपील ने ज्वेलर्स, सुनारों, कारीगरों और छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि अगर लोगों ने बड़े स्तर पर सोने की खरीदारी कम कर दी तो इसका सीधा असर लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा।

Gold Industry Impact : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई 2026 को हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान लोगों से अपील की थी कि वे देशहित में अगले एक साल तक सोने की खरीदारी से बचें। सरकार का मकसद सोने के आयात पर होने वाले भारी विदेशी मुद्रा खर्च को कम करना बताया जा रहा है। भारत हर साल अरबों डॉलर का सोना आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है।
Gold Industry Impact : ज्वेलरी कारोबारियों में बढ़ी बेचैनी

प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद देशभर के ज्वेलरी व्यापारियों में चिंता का माहौल है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि अपील सामने आते ही बड़ी संख्या में व्यापारियों ने उनसे संपर्क कर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह समय शादी-विवाह का पीक सीजन है और ऐसे समय में सोने की खरीदारी कम होने से कारोबार को बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। देश में हर साल करीब 700 से 800 टन सोने की खपत होती है, लेकिन मौजूदा हालात में यह आंकड़ा घटकर 500 टन तक पहुंच सकता है।
Gold Industry Impact : छोटे ज्वेलर्स और कारीगरों पर सबसे बड़ा संकट
ज्वेलरी उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर लंबे समय तक सोने की बिक्री प्रभावित रही तो सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों और कारीगरों पर पड़ेगा। छोटे ज्वेलर्स पहले से ही महंगाई और बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। ऐसे में बिक्री कम होने पर कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल हो जाएगा। व्यापारियों ने आशंका जताई है कि कई दुकानों में कर्मचारियों की छंटनी तक करनी पड़ सकती है। खासतौर पर वे कारीगर, जो रोजाना काम के आधार पर आय अर्जित करते हैं, सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
Gold Industry Impact : शादी सीजन में घट सकती है मांग

भारतीय समाज में शादी-विवाह और पारिवारिक समारोहों में सोने की खरीदारी का विशेष महत्व माना जाता है। दुल्हन के गहनों से लेकर पारंपरिक उपहारों तक, सोना भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है। ऐसे में व्यापारियों को डर है कि प्रधानमंत्री की अपील का मनोवैज्ञानिक असर ग्राहकों पर पड़ सकता है और लोग खरीदारी टाल सकते हैं। CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने कहा कि सोना केवल निवेश नहीं बल्कि भारतीय परंपरा और सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि इस अपील से आम उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बन सकती है।
Gold Industry Impact : शेयर बाजार पर भी दिख सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सोने की मांग में गिरावट आती है तो इसका असर शेयर बाजार में सूचीबद्ध ज्वेलरी कंपनियों पर भी पड़ सकता है। टाइटन, सेनको गोल्ड और कल्याण ज्वेलर्स जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिल सकता है। मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों की नजर अब ज्वेलरी सेक्टर की बिक्री के आगामी आंकड़ों पर रहेगी। यदि मांग में बड़ी गिरावट दर्ज होती है तो कंपनियों के राजस्व और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
Gold Industry Impact : सरकार की चिंता क्या है?
आर्थिक जानकारों के अनुसार भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इंपोर्टर्स में शामिल है। हर साल भारी मात्रा में सोना आयात करने के लिए देश को अरबों डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। इससे व्यापार घाटा और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। सरकार का मानना है कि यदि कुछ समय के लिए सोने की खरीदारी कम होती है तो विदेशी मुद्रा की बचत होगी और अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिल सकती है। हालांकि ज्वेलरी उद्योग से जुड़े लोग चाहते हैं कि सरकार इस क्षेत्र के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित रणनीति अपनाए।
Gold Industry Impact : इंडस्ट्री नई रणनीति बनाने में जुटी
ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि अब उन्हें कारोबार बचाने के लिए नई रणनीतियों पर काम करना होगा। कई व्यापारी हल्के वजन के गहनों, डायमंड ज्वेलरी और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने की तैयारी कर रहे हैं। उद्योग जगत का मानना है कि यदि बाजार में अनिश्चितता बनी रही तो आने वाले महीनों में ज्वेलरी सेक्टर में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।