MGKVP Child Counselling Workshop : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में आयोजित तीन दिवसीय ‘मनोसंवाद’ कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला में चाइल्ड काउंसलिंग, सकारात्मक पेरेंटिंग और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने विस्तृत चर्चा की।

MGKVP Child Counselling Workshop : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोवैज्ञानिक निर्देशन परामर्श एवं अनुसंधान केंद्र तथा मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला श्रृंखला ‘मनोसंवाद: परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य– विशेषज्ञ दृष्टिकोण और पद्धतियां’ का शुक्रवार को सफल समापन हो गया। कार्यशाला के तृतीय दिवस पर ‘चाइल्ड काउंसलिंग’ विषय पर विशेष व्याख्यान एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक समस्याओं और सकारात्मक पेरेंटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
MGKVP Child Counselling Workshop : कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट स्नेहा मिश्रा ने बच्चों के मानसिक एवं भावनात्मक विकास में परिवार, विद्यालय और सामाजिक वातावरण की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विभिन्न केस स्टडी के माध्यम से यह समझाया कि समय रहते उचित काउंसलिंग और सकारात्मक पेरेंटिंग बच्चों के व्यवहार और व्यक्तित्व विकास में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अभिभावकों को केवल बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहकर उनके मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और भावनात्मक आवश्यकताओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

MGKVP Child Counselling Workshop : कार्यक्रम में चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट मिताली जायसवाल ने बच्चों में बढ़ती भावनात्मक समस्याओं, व्यवहारिक कठिनाइयों और इन परिस्थितियों में अभिभावकों की जिम्मेदारी पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ते सामाजिक दबाव के कारण बच्चों में मानसिक तनाव और भावनात्मक असंतुलन की समस्याएं बढ़ रही हैं, जिन्हें समझने और समय पर समाधान देने की आवश्यकता है।
MGKVP Child Counselling Workshop : विद्यालयी जीवन में काउंसलिंग की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए स्कूल काउंसलर सुजीत कुमार पांडेय ने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए स्कूलों में नियमित काउंसलिंग व्यवस्था बेहद जरूरी है। वहीं, टेली मानस सेल (नेशनल हेल्थ मिशन) की काउंसलर रेशमी पाल ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवाओं और टेली-काउंसलिंग की उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यमों से भी जरूरतमंद लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती हैं।

MGKVP Child Counselling Workshop : कार्यक्रम संयोजक एवं मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के मानसिक एवं भावनात्मक विकास को समझना समाज की प्राथमिक आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक वातावरण, बेहतर संवाद और उचित मार्गदर्शन बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
MGKVP Child Counselling Workshop : कार्यक्रम निदेशक डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल काउंसलिंग केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के समग्र विकास और भावनात्मक सुदृढ़ता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को व्यवहारिक काउंसलिंग कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
MGKVP Child Counselling Workshop : कार्यक्रम का संचालन विकास विश्वकर्मा एवं जाह्नवी गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर प्रो. रश्मि सिंह, डॉ. प्रतिभा सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।