Kashi Vidyapith : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग और मद्य निषेध विभाग ने रमना गांव में नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली। युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की गई।
Kashi Vidyapith : काशी विद्यापीठ के गोद लिए गांव रमना में निकली नशा मुक्ति जागरूकता रैली, युवाओं को दिया संदेश
Kashi Vidyapith : ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान के तहत समाजशास्त्र विभाग और मद्य निषेध विभाग ने किया आयोजन, शिक्षा, खेल और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील
Kashi Vidyapith : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाजशास्त्र विभाग एवं मद्य निषेध विभाग, वाराणसी क्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव रमना में नशा मुक्ति जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही लोगों से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की गई।
Kashi Vidyapith : कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना, समाज में नशा मुक्ति के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि इसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर भी पड़ता है।
इस अवसर पर समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह ने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को अंधकार की ओर ले जाता है। यह न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार की खुशियां भी छीन लेता है। नशे की लत के कारण व्यक्ति की सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित होती हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने जीवन को स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल बनाने की अपील की।
Kashi Vidyapith : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतुल कुमार मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, लखनऊ ने कहा कि युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का सकारात्मक उपयोग देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार, खेल और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में योगदान दें, तो देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने युवाओं से अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया।
Kashi Vidyapith : कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने नशा मुक्ति को सामाजिक जागरूकता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदायों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी देकर स्वस्थ और सकारात्मक समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
Kashi Vidyapith : इस अवसर पर काशी विद्यापीठ के ब्लॉक प्रमुख प्रवेश पटेल, प्रो. भारती रस्तोगी, डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. जय प्रकाश यादव, रमना गांव के प्रधान पति अमित सिंह पटेल, डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा, डॉ. पीयूष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. संजय सोनकर, डॉ. चन्द्रशेखर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और ग्रामीणों को नशा मुक्त समाज बनाने, नशे से दूर रहने तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।