Mission Shakti Phase 6 Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मिशन शक्ति फेज-6 के तहत जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने महिला अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी जागरूकता पर जोर दिया। साइबर अपराध, पॉक्सो अधिनियम और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
Mission Shakti Phase 6 Varanasi : जागरूकता के अभाव में अपनी शक्ति का उपयोग नहीं कर पा रहीं महिलाएं – प्रो. आनन्द कुमार त्यागी
Mission Shakti Phase 6 Varanasi : काशी विद्यापीठ में मिशन शक्ति फेज-6 के तहत जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित, महिला सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और साइबर अपराध से बचाव पर हुई चर्चा
Mission Shakti Phase 6 Varanasi : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के विधि विभाग, उत्तर प्रदेश अभियोजन विभाग तथा मिशन शक्ति के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को मिशन शक्ति फेज-6 के अंतर्गत जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, विधिक प्रावधानों, पॉक्सो अधिनियम, बाल सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही व्यक्तिगत सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, जिम्मेदार व्यवहार तथा कार्यस्थल और शैक्षणिक संस्थानों में लैंगिक संवेदनशीलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
Mission Shakti Phase 6 Varanasi : कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि महिलाएं संख्या की दृष्टि से समाज में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में वे अपने अधिकारों, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों का पूरा लाभ नहीं उठा पा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अनेक कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन इनके प्रति पर्याप्त जानकारी न होने के कारण महिलाएं अपनी शक्ति और अधिकारों का प्रभावी उपयोग नहीं कर पाती हैं।
Mission Shakti Phase 6 Varanasi : प्रो. त्यागी ने महिला सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाने तथा महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित टास्क फोर्स गठित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना और जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है। जागरूकता के माध्यम से ही महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकती हैं।
Mission Shakti Phase 6 Varanasi : साइबर अपराध और सोशल मीडिया पर सतर्कता जरूरी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अच्छे लाल यादव ने मिशन शक्ति के अंतर्गत साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के स्वरूप और उनसे बचने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताया।
मिशन शक्ति, सिगरा थाना की प्रभारी काजल सिंह चौहान ने महिलाओं की विभिन्न समस्याओं के समाधान में मिशन शक्ति की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा, सहायता और जागरूकता उपलब्ध कराने के प्रयासों की जानकारी दी।
Mission Shakti Phase 6 Varanasi : अपराध होने पर हेल्पलाइन का लें सहारा
विशिष्ट वक्ता दीपक कुमार ने महिलाओं को अपने प्रति होने वाले दुर्व्यवहार और अनुचित आचरण के प्रति सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध या असुरक्षा की स्थिति में चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत करनी चाहिए और उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करना चाहिए। मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी पूनम उपाध्याय ने कहा कि महिलाओं को स्वयं को कमजोर नहीं समझना चाहिए, बल्कि सशक्त बनकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए महिलाओं को किसी भी समस्या की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।
Mission Shakti Phase 6 Varanasi : अभियोजन अधिकारी पीयूष पाण्डेय ने अपराधों के विभिन्न स्वरूपों पर प्रकाश डालते हुए उनके प्रति सतर्क रहने और कानूनी प्रावधानों की जानकारी रखने की आवश्यकता बताई। संयुक्त निदेशक अभियोजन हरि प्रसाद शुक्ला ने कहा कि महिलाओं को जागरूक होकर समाज में अपना विशिष्ट स्थान बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारों के प्रति जागरूकता और सामाजिक सहभागिता से महिलाएं अधिक सशक्त बन सकती हैं।
Mission Shakti Phase 6 Varanasi : विधि विभाग ने किया अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम में विधि विभाग के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार तथा डॉ. शिल्पी गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन साक्षी पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हंसराज ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और शिकायत निवारण की प्रक्रियाओं से अवगत कराना तथा उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना रहा।