Kolkata Durga Puja Stampede: 19 मौतें, 7 गिरफ्तार, मृतकों के परिजनों को 25 लाख और नौकरी

Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत और 25 घायल होने की सूचना है। अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। मामले में सात लोग गिरफ्तार, मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी देने की घोषणा।

Kolkata Durga Puja Pandal Stampede: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत; 7 गिरफ्तार, मृतकों के परिजनों को 25 लाख और सरकारी नौकरी का ऐलान

Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता भगदड़ हादसा: बारिश के बीच भीड़ के दबाव से मची अफरा-तफरी, 25 लोग घायल; केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल, सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज

Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम सप्तमी के दौरान हुए हादसे ने दुर्गोत्सव की खुशियों को मातम में बदल दिया। तेज बारिश के बीच दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। हादसे में 19 लोगों की मौत और 25 लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

घटना के बाद राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की घोषणा की। वहीं, पुलिस ने मामले में पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। भीड़ प्रबंधन, पंडाल के प्रवेश-निकास द्वार और सुरक्षा इंतजाम जांच के प्रमुख बिंदु हैं।

Kolkata Durga Puja Stampede: अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल

हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने निर्धारित कार्यक्रमों में बदलाव किया। रविवार को उन्होंने कोलकाता के कालीघाट स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद अपोलो अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। शाह पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। हादसे के बाद उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों में जाने का अपना निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया। अस्पताल में घायलों से मुलाकात के दौरान पीड़ितों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

Kolkata Durga Puja Stampede: मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी

राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के बेहतर उपचार और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अस्पतालों में घायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है और प्रशासन को राहत एवं सहायता कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। हादसे के कारणों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की बात भी कही गई है।

Kolkata Durga Puja Stampede: पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत सात गिरफ्तार

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे शामिल हैं। इसके अलावा बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय, कौशिक साहा, पिंटू डे, सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल को भी गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिप्लब मुखर्जी पंडाल के बांस के ढांचे के निर्माण से जुड़े थे। कौशिक साहा और पिंटू डे पर भीड़ प्रबंधन से संबंधित जिम्मेदारियां थीं, जबकि सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल निजी सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी बताए गए हैं। पुलिस गिरफ्तार लोगों की भूमिका और आयोजन से जुड़े सुरक्षा इंतजामों की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी किन लोगों के पास थी और क्या सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी।

Kolkata Durga Puja Stampede: बारिश के बीच कैसे मची भगदड़?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम अचानक तेज बारिश शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं ने बारिश से बचने के लिए पंडाल के भीतर जाने की कोशिश की। इससे प्रवेश और निकास मार्गों के आसपास भीड़ का दबाव बढ़ गया। एग्जिट गेट के पास स्थिति बिगड़ने के बाद अफरा-तफरी मच गई और कई लोग भीड़ की चपेट में आ गए। घटना के शुरुआती विवरणों में निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों की ओर से सीटी बजाने और माइक पर वीआईपी पास से संबंधित घोषणाएं किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन परिस्थितियों और भगदड़ के बीच वास्तविक संबंध की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

हादसे के दौरान पंडाल के ढांचे को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई। स्थिति बिगड़ने के बाद पंडाल की रोशनी बंद कर दी गई और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। पुलिस और दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में हिस्सा लिया। घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई।

Kolkata Durga Puja Stampede: प्रवेश-निकास द्वार और सुरक्षा व्यवस्था की जांच

पुलिस हादसे की जांच में पंडाल के प्रवेश और निकास द्वारों की चौड़ाई, श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था और निजी सुरक्षा एजेंसी की भूमिका की पड़ताल कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि बारिश के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकालने की व्यवस्था कैसी थी और भीड़ के दबाव को कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए। सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ रही है। हालांकि, हादसे की अंतिम वजह और संबंधित लोगों की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Kolkata Durga Puja Stampede: ‘आर्ब’ थीम पर तैयार था चोरबागान का पंडाल

चोरबागान सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति ने इस वर्ष अपने पूजा पंडाल की थीम ‘आर्ब’ रखी थी। इस अवधारणा का भावार्थ ‘ध्वनि से परे’ बताया गया था। पंडाल के माध्यम से ध्वनि की परिचित सीमाओं से आगे बढ़कर मौन की गहराई को दर्शाने का प्रयास किया गया था। इसकी संरचना 360 डिग्री की अवधारणा पर आधारित थी। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण ऐसे आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन निकास व्यवस्था की अहमियत बढ़ जाती है। चोरबागान की घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों के पालन और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

Kolkata Durga Puja Stampede:. सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

हादसे के बाद प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की मदद के लिए राज्य सरकार की ओर से टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 345 5678 जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। जरूरतमंद लोगों से इस नंबर पर संपर्क करने की अपील की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायलों के उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए घोषित आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी के आश्वासन के बीच अब जांच के निष्कर्षों का इंतजार है, जिससे दुर्घटना के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की स्थिति स्पष्ट हो सके।

Kolkata Durga Puja Stampede: यह समाचार उपलब्ध कराई गई सूचनाओं को मिलाकर तैयार किया गया है। मृतकों की संख्या, मुआवजे, हेल्पलाइन और गिरफ्तार आरोपियों से संबंधित विवरणों को प्रकाशन से पहले आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित कर लें।

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