Anand Barnwal Photography Exhibition : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग में वरिष्ठ छायाकार डॉ. आनंद बरनवाल के छायाचित्रों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी शुरू। थिएटर पर आधारित अनूठी तस्वीरें 1 नवंबर तक सुबह 11 से शाम 7 बजे तक देखी जा सकेंगी।
Anand Barnwal Photography Exhibition : काशी विद्यापीठ में वरिष्ठ छायाकार डॉ. आनंद बरनवाल के छायाचित्रों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी शुरू, थिएटर की विविध भंगिमाएं एक फ्रेम में कैद
Anand Barnwal Photography Exhibition : 15 वर्षों की साधना का अनूठा प्रदर्शन, नाटक के मंचन के दौरान बिना कलाकारों को बाधित किए खींचे गए सभी चित्र
Anand Barnwal Photography Exhibition : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के ललित कला विभाग में शुक्रवार को वरिष्ठ छायाकार डॉ. आनंद बरनवाल के छायाचित्रों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ हुआ। विभाग स्थित आजाद कला दीर्घा में आयोजित इस प्रदर्शनी में थिएटर और नाट्य कला से जुड़े अनूठे छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी की खासियत यह है कि इसमें एक ही फ्रेम में एक ही व्यक्ति की कई अलग-अलग भंगिमाओं को बेहद रचनात्मक और कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
Anand Barnwal Photography Exhibition : प्रदर्शनी का उद्घाटन लखनऊ के छायाकार अनिल रिसाल सिंह, दिल्ली के वरिष्ठ फोटो पत्रकार जगदीश यादव तथा उत्तर प्रदेश ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के दौरान अतिथियों ने प्रदर्शित छायाचित्रों का अवलोकन किया और डॉ. आनंद बरनवाल की फोटोग्राफी की विशिष्ट शैली एवं रचनात्मक दृष्टिकोण की सराहना की। प्रदर्शनी में शामिल सभी छायाचित्र नाटक और थिएटर की दुनिया पर आधारित हैं। इन तस्वीरों के माध्यम से मंच पर अभिनय करने वाले कलाकारों की विभिन्न मुद्राओं, भाव-भंगिमाओं और अभिनय के अलग-अलग क्षणों को एक ही फ्रेम में समेटने का प्रयास किया गया है। इन तस्वीरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें नाटक के वास्तविक मंचन के दौरान ही खींचा गया है। इसके लिए न तो कलाकारों को अभिनय के बीच रोका गया और न ही उनके प्रदर्शन में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न किया गया। इस तरह डॉ. बरनवाल ने मंच पर घटित होने वाले स्वाभाविक दृश्यों और अभिनय के विविध रूपों को अपने कैमरे में कैद किया है।
Anand Barnwal Photography Exhibition : इन छायाचित्रों के पीछे डॉ. आनंद बरनवाल की करीब 15 वर्षों की निरंतर साधना, अनुभव और रचनात्मक प्रयोग शामिल हैं। लंबे समय तक किए गए उनके इस प्रयास का परिणाम प्रदर्शनी के रूप में सामने आया है। यह प्रदर्शनी न केवल छायांकन की तकनीकी दक्षता को प्रदर्शित करती है, बल्कि फोटोग्राफी और रंगमंच के बीच कलात्मक संबंधों को भी प्रभावशाली ढंग से सामने लाती है।
Anand Barnwal Photography Exhibition : प्रदर्शनी 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को भी आम लोगों, कला प्रेमियों, विद्यार्थियों, छायाकारों और रंगमंच से जुड़े लोगों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। दर्शक प्रतिदिन पूर्वाह्न 11 बजे से शाम 7 बजे तक आजाद कला दीर्घा में पहुंचकर छायाचित्रों का अवलोकन कर सकते हैं।
Anand Barnwal Photography Exhibition : उद्घाटन सत्र का संचालन फोटो एक्टिविस्ट विनय रावल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ललित कला विभाग के शिक्षक डॉ. शत्रुघ्न प्रसाद ने किया। इस अवसर पर डॉ. गौतम चटर्जी, डॉ. राधाकृष्ण गणेशन, आलोक बरनवाल, अजय उपासनी, कुमार रमेश, रत्नाकर अवस्थी, पारुल रावल, अभिनीत सेठ और अनिरुद्ध पाण्डेय सहित कला एवं छायांकन जगत से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे।