India Uzbekistan Relations : भारत और उज्बेकिस्तान ने रणनीतिक साझेदारी को व्यापक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की वार्ता में व्यापार, ऊर्जा, यूरेनियम, तकनीक और निवेश पर अहम फैसले हुए।

India Uzbekistan Relations : भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को मिली नई रफ्तार, रणनीतिक साझेदारी को व्यापक स्तर तक ले जाने पर सहमति
India Uzbekistan Relations : Tashkent/New Delhi: भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच ताशकंद में प्रतिनिधिमंडल स्तर की अहम वार्ता हुई। बैठक में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के नए स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश अब अपने संबंधों को केवल आपसी सहयोग तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि ठोस लक्ष्यों और निर्धारित समयसीमा के साथ आगे बढ़ेंगे।
India Uzbekistan Relations : पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च राजकीय सम्मान

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों की मजबूती के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च राजकीय सम्मान प्रदान किया गया। राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी को ‘ओली दाराजाली दुस्तलिक’ सम्मान से सम्मानित किया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों और प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को उज्बेकिस्तान की ओर से दी गई विशेष मान्यता के तौर पर देखा जा रहा है।
India Uzbekistan Relations : विदेश मंत्री स्तर पर बनेगी समन्वय परिषद
दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विदेश मंत्री स्तर की समन्वय परिषद गठित करने का फैसला किया है। इस व्यवस्था के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की नियमित समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच काम करने वाले संयुक्त आयोग को सचिव स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर पर करने पर भी सहमति बनी है। माना जा रहा है कि इससे बड़े आर्थिक और रणनीतिक फैसलों को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी।
India Uzbekistan Relations : बिजनेस समिट से बढ़ेगा व्यापार और निवेश
भारत और उज्बेकिस्तान जल्द ही एक बिजनेस समिट आयोजित करेंगे। इसमें दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी, निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस समिट का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना, नए निवेश के अवसर तलाशना और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी को मजबूत करना है। दोनों देश व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर भी जोर दे रहे हैं।
India Uzbekistan Relations : यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति पर काम
वार्ता में ऊर्जा सहयोग भी प्रमुख मुद्दा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति की व्यवस्था विकसित करने पर काम किया जाएगा। परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के लिए आवश्यक ईंधन की दीर्घकालिक आपूर्ति भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में उज्बेकिस्तान के साथ इस क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत कर सकता है।
India Uzbekistan Relations : तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट साझेदारियां
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थानीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने के लिए तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट साझेदारियां विकसित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इन साझेदारियों की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए साझा रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया। इन साझेदारियों के जरिए शहरी विकास, संस्कृति, शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के स्थानीय संस्थानों के बीच सीधे संपर्क को बढ़ावा मिल सकता है।
India Uzbekistan Relations : ‘न्यू ताशकंद’ और GIFT सिटी के अनुभव साझा होंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान में विकसित किए जा रहे ‘न्यू ताशकंद’ प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने गुजरात की GIFT City के विकास और संचालन के अनुभव को उज्बेकिस्तान के साथ साझा करने की पेशकश की। पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल को भारत आने और GIFT City के विकास मॉडल, तकनीकी ढांचे तथा संचालन का अनुभव समझने का निमंत्रण दिया। इससे दोनों देशों के बीच शहरी विकास, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाएं बन सकती हैं।
India Uzbekistan Relations : राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने भारत की प्रगति की सराहना की
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक विकास के साथ-साथ डिजिटलीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान भारत की उपलब्धियों को एक करीबी और मित्र देश के नजरिए से देखता है।
India Uzbekistan Relations : तिरंगे के रंग में सजा ताशकंद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान पहुंचने पर हुए भव्य स्वागत का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ताशकंद शहर को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाया गया था। पीएम मोदी ने इसे अपने लिए बेहद भावुक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि ताशकंद में इस तरह भारत के राष्ट्रीय रंगों को देखना इस बात का प्रतीक है कि उज्बेकिस्तान के लोगों के दिल में भारत के लिए विशेष स्थान है।
India Uzbekistan Relations : उज्बेकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर दी अग्रिम बधाई
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के आगामी स्वतंत्रता दिवस की 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव और उज्बेकिस्तान की जनता को अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। ऐसे समय में दोनों देशों के रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर तक ले जाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
India Uzbekistan Relations : ठोस लक्ष्यों और समयसीमा के साथ आगे बढ़ेंगे दोनों देश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के संबंध अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों देश आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ठोस लक्ष्यों और निर्धारित समयसीमा के साथ काम करेंगे। व्यापार और निवेश से लेकर ऊर्जा, तकनीक, डिजिटल क्षेत्र, शहरी विकास और रणनीतिक सहयोग तक कई क्षेत्रों में नए समझौतों और पहलों से दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। मध्य एशिया में उज्बेकिस्तान भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में व्यापक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में बढ़ता कदम क्षेत्रीय सहयोग और भारत की मध्य एशिया नीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।