Gaurav Kapoor Banaras Prive : कला, संस्कृति और समाज सेवा का संगम- बनारस के गौरव कपूर बना रहे युवा प्रतिभाओं के लिए नया मंच

Gaurav Kapoor Banaras Prive : गौरव कपूर बनारस में ‘Banaras Prive’ और ‘Banaras Utsav’ के जरिए कला, संस्कृति और युवा प्रतिभाओं को नया मंच दे रहे हैं। जानिए उनकी प्रेरणादायक यात्रा।

Gaurav Kapoor Banaras Prive : गौरव कपूर आज कला, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक नाम बनकर उभरे हैं। वाराणसी जैसी सांस्कृतिक नगरी से उनका गहरा जुड़ाव उनके कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बनारस की परंपरा, आध्यात्मिकता और सांगीतिक विरासत को उन्होंने आधुनिक मंचों के माध्यम से नई पहचान दिलाने का काम किया है।

Gaurav Kapoor Banaras Prive : कला प्रेमी परिवार में जन्मे गौरव कपूर को बचपन से ही संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि रही। यही रुचि आगे चलकर उनके करियर की दिशा बन गई। पिछले 9 वर्षों से वे Teamwork Arts के साथ जुड़े हुए हैं, जो जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल जैसे प्रतिष्ठित आयोजन के लिए जाना जाता है। गौरव कपूर ने बनारस में पहला बड़ा निजी सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘Banaras Utsav’ शुरू किया, जिसने गंगा घाटों को एक जीवंत सांस्कृतिक मंच में बदल दिया। उनके प्रयासों से यहां देशभर के कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला और स्थानीय कला को राष्ट्रीय पहचान मिली।

Gaurav Kapoor Banaras Prive : उनका इवेंट ब्रांड Banaras Prive आज उच्च गुणवत्ता वाले सांस्कृतिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। इस मंच के जरिए पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक प्रस्तुति का बेहतरीन संगम देखने को मिलता है। गौरव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ना है। हाल ही में उन्होंने Pool.in (कानपुर आधारित कंपनी) के साथ मिलकर युवा और उभरती प्रतिभाओं को मंच देना शुरू किया है। इस पहल के तहत कलाकार बिना किसी कमीशन के रजिस्टर कर सकते हैं और उन्हें सीधे कार्यक्रमों में भाग लेने का मौका मिलता है।

Gaurav Kapoor Banaras Prive : इस पहल का असर साफ देखने को मिल रहा है। विवेक जैसे युवा कलाकार, जो Banaras Hindu University के छात्र हैं, अब बड़े मंचों पर सैकड़ों लोगों के सामने अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। विवेक का कहना है कि पहले उन्होंने कभी 300 से अधिक दर्शकों के सामने गाना नहीं गाया था, लेकिन अब उन्हें घाटों पर प्रदर्शन का अवसर मिल रहा है।

Gaurav Kapoor Banaras Prive : 19 अप्रैल को आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रम में एक भजन मंडली भी शामिल होगी, जो राम भजन, कृष्ण लीला और महादेव गीतों की प्रस्तुति देगी। इसके साथ ही ‘दास्तानगोई’ और कथक का अनोखा संगम भी देखने को मिलेगा, जिसमें कलाकार कहानी कहने की शैली के साथ नृत्य कला को प्रस्तुत करेंगे।

Gaurav Kapoor Banaras Prive : गौरव कपूर का यह प्रयास न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि खासकर वाराणसी की कला, शिल्प और संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका लक्ष्य आने वाले समय में और भी नए प्रयोगों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच दिलाना है।

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