Kashi Vidyapeeth Firing Incident : काशी विद्यापीठ में बड़ा हादसा टल गया जब तीन पूर्व छात्रों ने एलएलएम छात्र पर पिस्टल तानकर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन फायर मिस हो गया। पुलिस ने कैंपस में भारी बल तैनात कर जांच शुरू कर दी है।
Kashi Vidyapeeth Firing Incident : काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार दोपहर सनसनीखेज मामला सामने आया, जहाँ एलएलएम के छात्र पर तीन पूर्व छात्रों ने पिस्टल तान दी। आरोपियों ने फायर भी किया, लेकिन गोली मिस होने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पूरे कैंपस में अफरा-तफरी मच गई और छात्रों की भारी भीड़ जुट गई।
Kashi Vidyapeeth Firing Incident : हंगामे से दहला कैंपस

घटना आचार्य नरेंद्र देव हॉस्टल के बाहर हुई। फायरिंग की कोशिश के बाद आरोपी छात्र हॉस्टल के अंदर भाग गए।
सूचना मिलते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड, सिगरा थाना पुलिस और विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंच गए।
सिगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हॉस्टल को घेरकर सभी कमरों की तलाशी शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी से पूरे परिसर में तनाव का माहौल रहा।
Kashi Vidyapeeth Firing Incident : पीड़ित छात्र ने सुनाई आपबीती
पीड़ित छात्र गौरव कुमार पटेल, जो एलएलएम कर रहा है, ने बताया:
“मैं अपने दोस्तों के साथ स्टैंड पर बैठा था। तभी तीन लोग आए और मुझ पर पिस्टल तानकर बोले — ‘का कहा रे?’ उसके बाद उन्होंने फायर किया, लेकिन गोली मिस हो गई।” गौरव ने बताया कि हमलावरों की पहचान मोनू सिंह, आलोक उपाध्याय और अंकित दुबे के रूप में हुई, जो काशी विद्यापीठ से एलएलबी पास-आउट हैं। गौरव ने यह भी दावा किया कि उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। पूछने पर आरोपियों ने कहा कि “शिवम तिवारी ने भेजा है।”

Kashi Vidyapeeth Firing Incident : छात्र जुटे तो आरोपी भागे, पुलिस ने लिया मोर्चा
घटना की भनक लगते ही आसपास के छात्र मौके पर पहुँच गए। भीड़ बढ़ते ही आरोपी हॉस्टल परिसर के अंदर घुसकर छिप गए। इसके बाद पुलिस ने तुरंत परिसर को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारी भी पुलिस के साथ हॉस्टल में मौजूद रहे।
Kashi Vidyapeeth Firing Incident : कैंपस में बढ़ी सुरक्षा, पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस ने पूरे हॉस्टल परिसर की सघन जांच की और आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी है। कैंपस में फिलहाल सुरक्षा बढ़ा दी गई है और छात्रों को समूह में घूमने से मना किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मामले को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।