Electric Boat Varanasi : काशी में इलेक्ट्रिक नौकाओं का शुभारंभ- गंगा में उतरीं पहली 5 ई-बोट, नाविकों की लागत 80% तक होगी कम

Electric Boat Varanasi : वाराणसी में गंगा नदी पर पहली 5 इलेक्ट्रिक यात्री नौकाओं का शुभारंभ हुआ। इस परियोजना से नाविकों की संचालन लागत 80% तक घटेगी, प्रदूषण कम होगा और पर्यटकों को पर्यावरण-अनुकूल जल यात्रा का अनुभव मिलेगा। जानिए पूरी खबर।

Electric Boat Varanasi : काशी में इलेक्ट्रिक नौकाओं का शुभारंभ: गंगा में उतरीं पहली 5 ई-बोट, नाविकों की लागत 80% तक होगी कम

Electric Boat Varanasi : वाराणसी। गंगा नदी में स्वच्छ, हरित और आधुनिक जल परिवहन की दिशा में वाराणसी ने एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और गेल (इंडिया) लिमिटेड के सहयोग से शुरू की गई “इलेक्ट्रिक बोट कन्वर्जन पायलट परियोजना” के तहत काशी में पहली बार इलेक्ट्रिक यात्री नौकाओं का संचालन शुरू हो गया है। गुरुवार को नमो घाट पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने परियोजना के प्रथम चरण का शुभारंभ करते हुए पहली 5 इलेक्ट्रिक नौकाओं का लोकार्पण किया। यह पहल गंगा में प्रदूषण कम करने, नाविकों की आय बढ़ाने और पर्यटकों को सुरक्षित एवं शांत जल यात्रा का अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

Electric Boat Varanasi : गंगा में प्रदूषण होगा कम, नाविकों की होगी बचत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक नौकाओं के संचालन से गंगा नदी में वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी। डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक तकनीक अपनाने से कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि नई तकनीक से नाविकों की संचालन लागत में करीब 80 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और यात्रियों को बिना शोर-शराबे के अधिक आरामदायक नौका यात्रा का अनुभव मिलेगा।

Electric Boat Varanasi : पहले चरण में 20 नौकाओं को बनाया जाएगा इलेक्ट्रिक

वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि इस पायलट परियोजना के तहत पहले चरण में कुल 20 यात्री नौकाओं को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक प्रणाली में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पहली 5 नौकाएं नाविकों को समर्पित की गई हैं। यदि परियोजना सफल रहती है तो भविष्य में इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। इससे वाराणसी देश के अन्य नदी शहरों और अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

Electric Boat Varanasi : इन नाविकों को किया गया सम्मानित

इस अवसर पर अपनी पारंपरिक नौकाओं को इलेक्ट्रिक नौकाओं में परिवर्तित कराने वाले नाविकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित नाविकों में शामिल हैं—

दीपक साहनी
राकेश साहनी
ज्योतीलाल निषाद
दीपक कुमार साहनी
शुभम साहनी
नाविकों ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक नौकाएं न केवल उनकी आमदनी बढ़ाएंगी बल्कि गंगा की स्वच्छता और पर्यटन को भी नई पहचान देंगी।

Electric Boat Varanasi : आधुनिक तकनीक से लैस हैं नई ई-बोट

आयरा इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगन कुमार मेहता ने बताया कि प्रत्येक इलेक्ट्रिक नौका अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इनमें शामिल हैं—

15 किलोवाट की इलेक्ट्रिक आउटबोर्ड मोटर
20 किलोवाट-घंटा क्षमता का लिथियम बैटरी पैक
फास्ट ईवी चार्जर
डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम
जीपीएस ट्रैकिंग
रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम
उन्होंने बताया कि एक बार पूर्ण चार्ज होने पर प्रत्येक नौका अस्सी घाट से नमो घाट के बीच कम से कम तीन राउंड ट्रिप आसानी से पूरी कर सकती है। परियोजना के लिए चयनित घाटों पर चार्जिंग स्टेशन भी विकसित किए गए हैं।

Electric Boat Varanasi : नमो घाट से भदैनी घाट तक हुआ जल भ्रमण

कार्यक्रम के समापन पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, नाविकों और अन्य अतिथियों ने इलेक्ट्रिक नौकाओं से नमो घाट से भदैनी घाट तक जल भ्रमण किया और नई तकनीक का अनुभव लिया। इस अवसर पर गेल (इंडिया) लिमिटेड के महाप्रबंधक सुशील कुमार सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Electric Boat Varanasi : पर्यटन और पर्यावरण को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा में इलेक्ट्रिक नौकाओं का संचालन वाराणसी के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत साबित होगा। इससे विदेशी और देशी पर्यटकों को विश्वस्तरीय, प्रदूषण-मुक्त और शांत जल यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन और सतत विकास की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।

Electric Boat Varanasi : मुख्य बातें (Highlights)

गंगा में पहली बार 5 इलेक्ट्रिक यात्री नौकाओं का संचालन शुरू।
पहले चरण में 20 नौकाओं को इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा।
नाविकों की संचालन लागत में 80% तक कमी का अनुमान।
वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण में होगी उल्लेखनीय कमी।
ई-बोट में GPS, डिजिटल डिस्प्ले और लिथियम बैटरी जैसी आधुनिक सुविधाएं।
एक चार्ज में अस्सी घाट से नमो घाट के बीच कम से कम तीन राउंड ट्रिप की क्षमता।
वाराणसी को देश के हरित नदी परिवहन मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम।

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