Digital Age Hindi Journalism : काशी विद्यापीठ में ‘डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने बताई पत्रकारिता की चुनौतियां और अवसर

Digital Age Hindi Journalism : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने डिजिटल युग में पत्रकारिता की चुनौतियों, विश्वसनीयता, सत्यता और अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।

Digital Age Hindi Journalism : डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन, काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

Digital Age Hindi Journalism : वाराणसी। हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को ‘डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता’ विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित इस संगोष्ठी में पत्रकारिता जगत, शिक्षा क्षेत्र और शासन-प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों ने डिजिटल दौर में पत्रकारिता की भूमिका, चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

Digital Age Hindi Journalism : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता के विकास में बाबू शिवप्रसाद गुप्त, भारतेंदु हरिश्चंद्र और महावीर प्रसाद द्विवेदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों ने पत्रकारिता के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। पहले जहां पत्रकारों को सूचनाएं जुटाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं आज तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचनाएं बेहद तेजी से उपलब्ध हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन से चार दशकों में एक पूरी पीढ़ी ने हिन्दी पत्रकारिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है और आज हिन्दी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

Digital Age Hindi Journalism : कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र आज भी अपार संभावनाओं से भरा हुआ है और आने वाले वर्षों में इसका महत्व और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने छात्रों को निरंतर सीखने और अनुभव अर्जित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि समर्पण और मेहनत के बल पर कोई भी व्यक्ति समाज में उत्कृष्ट योगदान दे सकता है।

Digital Age Hindi Journalism : उत्तर प्रदेश सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में सूचनाओं का प्रवाह अत्यंत तेज हो गया है। उन्होंने हिन्दी पत्रकारिता की शुरुआत ‘उदंत मार्तंड’ से होने का उल्लेख करते हुए कहा कि आज पत्रकारिता के अनेक डिजिटल माध्यम उपलब्ध हैं, जिनसे तुरंत जानकारी प्राप्त हो जाती है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ मंचों पर भ्रामक और अपुष्ट सूचनाएं भी प्रसारित होती हैं, इसलिए किसी भी समाचार पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना आवश्यक है।

Digital Age Hindi Journalism : संगोष्ठी के मुख्य वक्ता और वरिष्ठ पत्रकार तथा न्यूज18 ग्रुप के पूर्व समूह संपादक प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग अवसर, संकट और चुनौती तीनों का संगम है। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया ने सूचना के प्रसार को अत्यंत तेज और व्यापक बनाया है, जो पत्रकारिता के लिए एक बड़ा अवसर है। लेकिन इसके साथ ही यह एक संकट भी है क्योंकि आज कोई भी व्यक्ति माइक या मोबाइल कैमरा लेकर स्वयं को पत्रकार घोषित कर देता है। उन्होंने कहा कि भाषा की शुद्धता, संयम और जिम्मेदार प्रस्तुति ही एक पेशेवर पत्रकार की पहचान होती है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची पत्रकारिता केवल खबर देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि खबर के पीछे छिपे तथ्यों और वास्तविकता की खोज करना ही असली पत्रकारिता है।

Digital Age Hindi Journalism : तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार स्नेह रंजन ने कहा कि आधुनिक समय में छात्रों का डिजिटल रूप से दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ पुस्तकों के अध्ययन पर भी जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को हर महीने कम से कम दो पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए, जिससे उनकी समझ, दृष्टिकोण और ज्ञान का विस्तार हो सके।

Digital Age Hindi Journalism : विशिष्ट वक्ता राहुल अवस्थी ने कहा कि वर्तमान समय में शब्द, भाषा और तकनीक तीनों ही सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने बताया कि टेक्स्ट ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम है, भाषा विचारों को अभिव्यक्त करने का साधन है और तकनीक जीवन को सरल एवं प्रभावी बनाती है। इन तीनों के संतुलित उपयोग से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।

Digital Age Hindi Journalism : इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नागेन्द्र पाठक ने हिन्दी पत्रकारिता के इतिहास और उसके विकासक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने हिन्दी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यात्रा को भारतीय समाज और खबरों की प्रस्तुतीकरण से जोड़ते हुए इसके योगदान को रेखांकित किया।

Digital Age Hindi Journalism : कार्यक्रम में स्वागत निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने किया, जबकि विषय प्रवर्तन डॉ. मनोहर लाल ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वैष्णवी शुक्ला एवं विजय कुमार सिंह ने किया।

Digital Age Hindi Journalism : संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, डॉ. प्रमथेश पाण्डेय, डॉ. संतोष मिश्र, डॉ. जय प्रकाश श्रीवास्तव, अनिरुद्ध पाण्डेय, डॉ. शिवजी सिंह, डॉ. श्रीराम त्रिपाठी, डॉ. हरिकेश बहादुर सिंह, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. सरिता राव, डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय, खुश्बू सिंह, आकाश सिंह, डॉली विश्वकर्मा, गुरु प्रकाश सिंह, करन सिंह, शिवम तिवारी, अतुल उपाध्याय, हर्षित तिवारी, शिवांगी, हर्षिता, स्तुति, पुलकित, साजिया, अनुष्का, जुली, जाह्नवी, हर्ष, समर, वंशिका, लुकमान और पुष्कर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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