Prayagraj NEET Student Death: 8 पन्नों के नोट में मानसिक परेशानी का जिक्र, तीसरी काउंसलिंग में मिली MBBS सीट

Prayagraj NEET Student Death: प्रयागराज में 18 वर्षीय नीट छात्रा ऋतु शर्मा की मौत के मामले में कमरे से आठ पन्नों का नोट मिला है। इसमें मानसिक परेशानियों और पढ़ाई के दौरान अनचाहे विचारों का जिक्र है। मौत के बाद तीसरी काउंसलिंग में उसे सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट आवंटित हुई थी।

Prayagraj NEET Student Death: प्रयागराज में NEET छात्रा की मौत: 8 पन्नों के नोट में मानसिक परेशानी का खुलासा, तीसरी काउंसलिंग में मिली थी MBBS सीट

Prayagraj NEET Student Death: प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नीट (NEET) की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा ऋतु शर्मा की मौत के मामले में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम स्थित उसके कमरे से पुलिस को आठ पन्नों का एक नोट मिला है। इसमें छात्रा ने पिछले करीब दो वर्षों से मानसिक परेशानियों से जूझने, पढ़ाई के दौरान मन में आने वाले अनचाहे विचारों और एक ही चीज को बार-बार दोहराने की मजबूरी का जिक्र किया है। इस घटना का एक भावनात्मक पहलू यह भी है कि छात्रा की मौत के बाद जारी नीट की तीसरे चरण की काउंसलिंग में उसे सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई थी।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल छात्रा की मौत के पीछे किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं माना गया है। नोट में लिखी बातों, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।

Prayagraj NEET Student Death: दो वर्षों से मानसिक परेशानियों का सामना कर रही थी ऋतु

पुलिस को मिले आठ पन्नों के नोट में ऋतु ने अपनी मानसिक स्थिति और पढ़ाई के दौरान होने वाली परेशानियों का विस्तार से उल्लेख किया है। उसने बताया था कि 11वीं और 12वीं कक्षा के दौरान उसे मानसिक समस्याएं महसूस होने लगी थीं। पढ़ाई करते समय उसके मन में लगातार अनचाहे विचार और तरह-तरह की शंकाएं आती थीं।

किसी विषय को अच्छी तरह समझ लेने के बाद भी उसे बार-बार पढ़ने की जरूरत महसूस होती थी। उसे लगता था कि यदि उसने किसी विषय को दोबारा नहीं पढ़ा तो परीक्षा में गलती हो सकती है या वह असफल हो सकती है। इस वजह से उसकी पढ़ाई प्रभावित होती थी और मानसिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था।

Prayagraj NEET Student Death: शुरुआत में छात्रा ने इन परेशानियों को सामान्य तनाव और जरूरत से ज्यादा सोचने की आदत समझा। हालांकि, कुछ सप्ताह पहले इंटरनेट पर मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी पढ़ने के बाद उसे लगा कि उसकी परेशानियां ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) के लक्षणों से मिलती-जुलती हो सकती हैं। हालांकि, उसे चिकित्सकीय रूप से ओसीडी होने की पुष्टि हुई थी या नहीं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। नोट में ऋतु ने आत्मविश्वास की कमी, भविष्य को लेकर चिंता और अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाने के डर का भी जिक्र किया। वह मानसिक रूप से शांत रहकर पढ़ाई करना चाहती थी और मेडिकल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना उसका सपना था।

Prayagraj NEET Student Death: तीसरे राउंड की काउंसलिंग में आवंटित हुई थी MBBS की सीट

ऋतु लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उसने वर्ष 2022 में प्रयागराज के दिल्ली पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल और 2024 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उसने मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए नीट की तैयारी शुरू की। नीट 2026 में उसकी ऑल इंडिया रैंक 10,74,272 थी। काउंसलिंग के शुरुआती दो चरणों में उसे कोई सीट आवंटित नहीं हुई थी। इससे वह निराश थी और मेडिकल कॉलेज में दाखिले को लेकर चिंतित रहती थी।

Prayagraj NEET Student Death: सोमवार, 2 नवंबर को नीट की तीसरे चरण की काउंसलिंग का परिणाम जारी हुआ। इसमें ऋतु को ईडब्ल्यूएस-दिव्यांग श्रेणी के तहत सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट आवंटित हुई। परिजनों को सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे इस आवंटन की जानकारी मिली।

बताया गया कि ऋतु को आंखों से संबंधित परेशानी थी। इसी आधार पर उसका दिव्यांगता प्रमाणपत्र बना था और उसने दिव्यांग श्रेणी के तहत काउंसलिंग में भाग लिया था। जिस मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने का वह इंतजार कर रही थी, वहां सीट मिलने की जानकारी उसके परिवार तक पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

Prayagraj NEET Student Death: कमरे में मृत मिली छात्रा, पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

घटना सोमवार को झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम कॉलोनी के गंगा सेक्टर में सामने आई। ऋतु अपने परिवार के साथ यहां रहती थी। पिता डॉ. देवराज शर्मा के अनुसार, बेटी देर रात तक अपने कमरे में पढ़ाई करती थी। उसकी दिनचर्या ऐसी थी कि वह अक्सर अगले दिन दोपहर में कमरे से बाहर आती थी। सोमवार को जब काफी देर तक ऋतु कमरे से बाहर नहीं आई तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के सदस्यों ने कमरे के अंदर देखा तो वह मृत अवस्था में मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

Prayagraj NEET Student Death: जानकारी मिलते ही एसीपी झूंसी अरुण पाराशर और इंस्पेक्टर नरेश कुमार कश्यप पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने घटनास्थल से एक लाइसेंसी हथियार बरामद किया है। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और समय को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

Prayagraj NEET Student Death: पिता और भाई को गहरा सदमा, देहरादून से घर लौटा जुड़वां भाई

ऋतु के पिता डॉ. देवराज शर्मा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं। परिवार मूल रूप से गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र के अनुईपुर गांव का रहने वाला है। करीब छह वर्ष पहले परिवार प्रयागराज के त्रिवेणीपुरम में आकर बस गया था। ऋतु का एक जुड़वां भाई ऋषिराज है, जो देहरादून में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। बहन की मौत की सूचना मिलने के बाद वह मंगलवार सुबह प्रयागराज पहुंचा। बेटी की असमय मौत से पिता और बहन को खोने के गम में भाई गहरे सदमे में हैं।

पिता ने बताया कि रविवार रात ऋतु ने परिवार के साथ सामान्य रूप से भोजन किया था। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। उस समय परिवार को उसकी मानसिक परेशानियों की गंभीरता का अंदाजा नहीं था।

Prayagraj NEET Student Death: पोस्टमार्टम के बाद दारागंज घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच ऋतु के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

इसके बाद परिवार के सदस्य शव को दारागंज घाट ले गए, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पिता, भाई, चाचा और परिवार के अन्य रिश्तेदार मौजूद रहे।

Prayagraj NEET Student Death: पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच

एसीपी झूंसी अरुण पाराशर के अनुसार, परिजनों से पूछताछ में जानकारी मिली है कि नीट काउंसलिंग के शुरुआती दो चरणों में सीट नहीं मिलने से ऋतु तनाव में थी। हालांकि, तीसरे चरण की काउंसलिंग में उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट आवंटित हो गई थी। पुलिस को मिले आठ पन्नों के नोट में छात्रा ने अपनी मानसिक परेशानियों का उल्लेख किया है। पुलिस इस नोट के साथ घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना जरूरी है। केवल परीक्षा के दबाव या ओसीडी जैसे लक्षणों को इस घटना का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता।

Prayagraj NEET Student Death: प्रतियोगी परीक्षाओं के दौर में मानसिक स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण

प्रयागराज की यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने की कोशिश के दौरान कई विद्यार्थी पढ़ाई, परिणाम और भविष्य को लेकर अत्यधिक तनाव का सामना करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार परेशान करने वाले विचार, अत्यधिक चिंता, आत्मविश्वास में कमी या किसी काम को बार-बार दोहराने की मजबूरी जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या मनोचिकित्सक से समय पर सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

परिवार और शिक्षकों की भूमिका भी अहम होती है। विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के परिणाम और रैंक के आधार पर नहीं आंकना चाहिए, बल्कि उनकी भावनात्मक स्थिति को समझना और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता उपलब्ध कराना भी जरूरी है। यह घटना याद दिलाती है कि बच्चों के सपनों और करियर के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।

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