Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program : काशी विद्यापीठ में नशा मुक्ति शपथ एवं डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग कार्यक्रम

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्ति शपथ और ‘नशा बर्बादी है’ डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग हुई। विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया।

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program : काशी विद्यापीठ में नशा मुक्ति शपथ एवं डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग में भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत रविवार को नशा मुक्ति शपथ एवं डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विभाग के लैंग्वेज लैब में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के अन्य वर्गों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प दिलाना था।

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program : विद्यार्थियों ने ली नशा मुक्ति की शपथ

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण नशा मुक्ति शपथ रहा। इसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने तथा अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने समाज में नशामुक्ति के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई।

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program : कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि नशीले पदार्थों से दूरी केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि इससे परिवार और पूरे समाज को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलती है।

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program :‘नशा बर्बादी है’ डॉक्यूमेंट्री की हुई स्क्रीनिंग

कार्यक्रम के दूसरे चरण में नशा मुक्ति से संबंधित डॉक्यूमेंट्री ‘नशा बर्बादी है’ का प्रदर्शन किया गया। डॉक्यूमेंट्री में नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से बताया गया कि नशे की शुरुआत कई बार जिज्ञासा, साथियों के दबाव, तनाव, गलत संगति या प्रयोग की प्रवृत्ति से होती है। धीरे-धीरे यह आदत व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने लगती है और आगे चलकर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पारिवारिक संबंधों तथा सामाजिक जीवन पर गंभीर असर डाल सकती है।

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program : डॉक्यूमेंट्री में यह संदेश भी दिया गया कि समय रहते सही मार्गदर्शन, परामर्श, परिवार के सहयोग और मजबूत इच्छाशक्ति के माध्यम से नशे की प्रवृत्ति से बचा जा सकता है।

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program :शिक्षा और जागरूकता से बनेगा नशामुक्त समाज

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि नशामुक्ति केवल निषेध या कानून से जुड़ा विषय नहीं है। इसके लिए शिक्षा, जागरूकता, परामर्श, परिवार का सहयोग और सामाजिक सहभागिता जरूरी है। युवाओं को नशे से दूर रखने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program : विश्वविद्यालय और महाविद्यालय युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण के प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को खेल, योग, साहित्य, कला, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक सेवा से जोड़कर सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जा सकता है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें नशे जैसी विनाशकारी प्रवृत्तियों से दूर रखने में भी मदद मिल सकती है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

Kashi Vidyapeeth Nasha Mukti Program : ये रहे मौजूद

इस अवसर पर मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्रा, प्रो. नलिनी श्याम कामिल, अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. नीरज धनकड़, विभागीय नोडल अधिकारी एवं सह-संयोजक डॉ. नवरतन सिंह, डॉ. कविता आर्या, डॉ. नीरज कुमार सोनकर, डॉ. रीना चटर्जी, डॉ. आरती विश्वकर्मा, डॉ. प्रदीप, डॉ. किरन सिंह, डॉ. पीयूष चौबे, शुभम सिंह, प्रिंस प्रताप शेरा, बाली योगेश्वर राव सहित अन्य शिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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