BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : BHU अस्पताल के ICU में 85 वर्षीय पद्मश्री प्रो. टीके लहरी से मारपीट का आरोप लगा है। परिजनों ने डॉक्टर पर गाली देने और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। बीएचयू ने मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच शुरू की है। अगर आपके पास प्रो. टीके लहरी की फोटो या इस घटना से संबंधित चोट की फोटो है, तो उसे अपलोड कर सकते हैं; इससे मैं खबर के लिए उपयुक्त फोटो कैप्शन, ALT text और फोटो प्लेसमेंट भी तैयार कर दूंगा।

BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : BHU अस्पताल के ICU में 85 वर्षीय पद्मश्री प्रो. टीके लहरी से मारपीट का आरोप, डॉक्टर पर गाली देने और थप्पड़ मारने का दावा; जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित
BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) अस्पताल के आईसीयू में करीब आठ महीने से भर्ती 85 वर्षीय पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. टीके लहरी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। प्रो. लहरी के परिजनों ने कार्डियोथोरेसिक विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि डॉक्टर ने आईसीयू में प्रो. लहरी के साथ गाली-गलौज की और उन्हें थप्पड़ मारा, जिससे उनके चेहरे और आंख पर चोट आई। मामले को लेकर प्रो. लहरी के परिजनों ने बीएचयू के कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत सामने आने के बाद बीएचयू प्रशासन ने मामले की निगरानी और चिकित्सकीय स्थिति की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। बोर्ड के सदस्यों ने आईसीयू पहुंचकर प्रो. लहरी की स्वास्थ्य स्थिति का जायजा भी लिया है। हालांकि, बीएचयू आईएमएस के निदेशक डॉ. एसएन संखवार ने मारपीट के आरोप से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है और प्रो. लहरी की स्थिति ठीक है। ऐसे में अब मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था।
BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : परिजनों का आरोप- डॉक्टर ने गाली दी और थप्पड़ मारा
प्रो. टीके लहरी के परिजनों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आईसीयू में उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। परिवार के अनुसार, कार्डियोथोरेसिक विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर ने प्रो. लहरी के साथ गाली-गलौज की और उन्हें थप्पड़ मारा। परिजनों का दावा है कि कथित घटना के बाद प्रो. लहरी के चेहरे पर चोट के निशान दिखाई दिए। परिवार को उनकी एक आंख पर चोट आने की भी जानकारी मिली। परिजनों के मुताबिक, उन्हें घटना की जानकारी विभाग की ओर से 1 सितंबर को दी गई और इसके बाद चोट से संबंधित कुछ तस्वीरें भी उपलब्ध कराई गईं। तस्वीरें देखने के बाद परिजनों ने बीएचयू प्रशासन को ई-मेल भेजकर मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।
BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : मेडिकल बोर्ड ने ICU पहुंचकर लिया स्वास्थ्य का जायजा
शिकायत मिलने के बाद बीएचयू प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। बोर्ड के सदस्यों ने आईसीयू पहुंचकर प्रो. लहरी की स्थिति का निरीक्षण किया और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। परिजनों की मांग है कि प्रो. लहरी की पूरी चिकित्सकीय जांच कराई जाए, ताकि यह पता चल सके कि उन्हें केवल चेहरे पर बाहरी चोट लगी है या शरीर के अंदर भी किसी तरह की चोट पहुंची है। फिलहाल मामले की वास्तविक स्थिति मेडिकल बोर्ड की जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : बीएचयू निदेशक बोले- ‘मारने जैसा कोई मामला नहीं’
बीएचयू आईएमएस के निदेशक डॉ. एसएन संखवार ने बताया कि परिजनों की ओर से ई-मेल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति की जानकारी ली। डॉ. संखवार के मुताबिक, जिस डॉक्टर पर आरोप लगाया गया है, वही डॉक्टर प्रो. टीके लहरी की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी बताए जा रहे डॉक्टर प्रो. लहरी के शिष्य रहे हैं। निदेशक ने कहा कि परिजनों को प्रो. लहरी की रिपोर्ट और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। उन्हें अस्पताल आकर अपने मरीज की स्थिति देखने के लिए भी कहा गया था। हालांकि, उनके मुताबिक 2 सितंबर से अब तक परिजन अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। डॉ. संखवार ने कहा कि मामले की निगरानी के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “मारने जैसा कोई मामला नहीं है” और प्रो. लहरी की स्थिति ठीक है।
BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : 27 जनवरी 2026 से ICU में भर्ती हैं प्रो. टीके लहरी
पद्मश्री प्रो. टीके लहरी 27 जनवरी 2026 से बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। करीब आठ महीने से उनका इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार, उन्हें प्रो. लहरी के साथ कथित घटना की जानकारी कार्डियोथोरेसिक विभाग की ओर से 1 सितंबर को मिली। इसके बाद परिवार को उनके चेहरे पर चोट से संबंधित कुछ तस्वीरें उपलब्ध कराई गईं। परिजनों का कहना है कि तस्वीरें देखने के बाद उन्होंने बीएचयू प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। परिवार यह भी चाहता है कि वरिष्ठ चिकित्सक की पूरी मेडिकल जांच कराई जाए और यदि जरूरत हो तो चोट की प्रकृति का भी पता लगाया जाए।
BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : परिजन बोले- प्रशासन ने खुद नहीं दी घटना की जानकारी
प्रो. टीके लहरी के परिवार के सदस्य कोलकाता में रहते हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्हें कथित थप्पड़ और दुर्व्यवहार की जानकारी बीएचयू प्रशासन की ओर से नहीं दी गई, बल्कि विभाग के एक डॉक्टर ने घटना के बारे में बताया। परिवार का यह भी आरोप है कि प्रो. लहरी की बीमारी और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में भी उन्हें समय पर जानकारी नहीं मिल पाई। परिजनों के अनुसार, प्रो. लहरी करीब 15 दिनों तक अपने घर पर बिस्तर पर रहे। जब उनकी स्थिति सामने आई तो उन्हें बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार शुरू हुआ।
BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : 2003 में हुए थे रिटायर, फिर भी मरीजों की सेवा करते रहे
प्रो. टीके लहरी का चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी रहा। 3 जनवरी 1941 को कोलकाता में जन्मे डॉ. लहरी वर्ष 2003 में आईएमएस, बीएचयू से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने मरीजों की सेवा करना नहीं छोड़ा। परिजनों के मुताबिक, उम्र बढ़ने के बावजूद वह नियमित रूप से अपने घर से पैदल सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की ओपीडी तक जाते थे और मरीजों को देखते थे। परिवार के अनुसार, उन्हें नरिया गेट से एनसीसी बटालियन वाली लेन, कुलपति आवास के सामने से होते हुए सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की ओर जाते हुए देखा जाता रहा है। चिकित्सा सेवा के प्रति उनका यह समर्पण लंबे समय तक उनकी पहचान बना रहा।
BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : 2006 में मिला था पद्मश्री सम्मान
चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और मरीजों की सेवा के लिए प्रो. टीके लहरी को वर्ष 2006 में भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था। परिजनों के अनुसार, प्रो. लहरी बेहद सादगीपूर्ण जीवन जीते रहे हैं। परिवार का दावा है कि वह अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा अलग-अलग संस्थानों को दान करते रहे हैं। परिवार के मुताबिक, प्रो. लहरी किसी से आर्थिक मदद लेना पसंद नहीं करते थे। यदि कोई उनकी आर्थिक मदद करने की पेशकश करता था तो वह उसे भी स्वीकार नहीं करते थे। मरीजों की सेवा और सादगीपूर्ण जीवनशैली के कारण चिकित्सा जगत में उनकी अलग पहचान रही है।
BHU Hospital ICU Professor TK Lahiri Assault Case : अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर टिकी नजर
पद्मश्री प्रो. टीके लहरी के साथ कथित मारपीट के मामले में फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। एक तरफ परिजन डॉक्टर पर गाली-गलौज और थप्पड़ मारने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि बीएचयू आईएमएस निदेशक ने मारपीट जैसी घटना से इनकार किया है। शिकायत के बाद मेडिकल बोर्ड का गठन किया जा चुका है और बोर्ड ने आईसीयू पहुंचकर प्रो. लहरी की स्थिति का जायजा लिया है। ऐसे में अब जांच में सामने आने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे। मेडिकल रिकॉर्ड, चिकित्सकीय जांच और घटना से जुड़े उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रो. लहरी को लगी चोट की वास्तविक वजह क्या थी और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल बीएचयू प्रशासन की जांच जारी है और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।