MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में नैक एवं रैंकिंग जागरूकता कार्यशाला आयोजित हुई। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने नैक को संस्थागत गुणवत्ता के निरंतर सुधार का माध्यम बताया।
MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : संस्थागत गुणवत्ता के निरंतर सुधार का माध्यम है नैक : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी
MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : काशी विद्यापीठ में नैक एवं रैंकिंग जागरूकता कार्यशाला आयोजित, संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों और आईक्यूएसी समन्वयकों को दिया प्रशिक्षण
MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ (आई.क्यू.ए.सी.) की ओर से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ के समन्वयकों के प्रशिक्षण के लिए नैक एवं रैंकिंग जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य संबद्ध महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन, एक्रीडिटेशन तथा राष्ट्रीय रैंकिंग की प्रक्रिया, मानकों और आवश्यक दस्तावेजीकरण के प्रति जागरूक करना रहा।
MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि नैक को केवल ग्रेड प्राप्त करने की प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह संस्थागत गुणवत्ता के निरंतर सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को अपनी शैक्षणिक व्यवस्था, शोध एवं नवाचार, विद्यार्थियों से जुड़ी गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगातार सुधार की दिशा में कार्य करना चाहिए।
MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और शोध पर जोर
कुलपति प्रो. त्यागी ने संबद्ध महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध एवं नवाचार तथा विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन के लिए संस्थानों द्वारा किए जा रहे कार्यों का व्यवस्थित और पारदर्शी दस्तावेजीकरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। संस्थान की उपलब्धियों, शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों से संबंधित प्रमाणों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और उसके संबद्ध महाविद्यालय यदि समन्वित रूप से गुणवत्ता सुधार के लिए प्रयास करें तो इससे न केवल अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में भी संस्थानों का प्रदर्शन बेहतर किया जा सकता है।
MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : नैक के विभिन्न आयामों की दी जानकारी
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डीन एकेडमिक प्रो. बंशीधर पाण्डेय ने नैक मूल्यांकन के विभिन्न आयामों और आई.क्यू.ए.सी. की प्रभावी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नैक की तैयारी किसी एक समय की गतिविधि नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया होनी चाहिए।
उन्होंने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, शोध कार्य, विद्यार्थी सहायता एवं प्रगति, विस्तार गतिविधियों तथा संस्थागत उपलब्धियों के साक्ष्य-आधारित एवं व्यवस्थित दस्तावेजीकरण को आवश्यक बताया। उन्होंने महाविद्यालयों को अपने संस्थान की गतिविधियों और उपलब्धियों से संबंधित आंकड़ों तथा प्रमाणों को नियमित रूप से संकलित करने की सलाह दी।
MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : बेहतर रैंकिंग के लिए वास्तविक गुणवत्ता जरूरी
विशिष्ट वक्ता रैंकिंग एवं एक्रीडिटेशन की निदेशक प्रो. हंसा जैन ने राष्ट्रीय रैंकिंग एवं एक्रीडिटेशन से जुड़े प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेहतर रैंकिंग के लिए केवल आंकड़ों को प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संस्थान की वास्तविक अकादमिक और शोध गुणवत्ता को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने शोध एवं प्रकाशन, नवाचार, पेटेंट, अकादमिक सहयोग, विद्यार्थी उपलब्धियों, प्लेसमेंट तथा संस्थागत प्रभाव जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रैंकिंग की प्रक्रिया में विश्वसनीय और प्रमाणिक डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए महाविद्यालयों को अपने आंकड़ों को व्यवस्थित, अद्यतन और पारदर्शी तरीके से संकलित करना चाहिए।
MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : आईक्यूएसी की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यशाला में इस बात पर भी जोर दिया गया कि संस्थानों में आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ को सक्रिय और प्रभावी बनाना आवश्यक है। आई.क्यू.ए.सी. के माध्यम से संस्थान अपनी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करते हुए गुणवत्ता सुधार की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ सकते हैं।
MGKVP NAAC Ranking Awareness Workshop : कार्यक्रम का स्वागत आई.क्यू.ए.सी. निदेशक प्रो. रमाकान्त सिंह ने किया। संचालन आई.क्यू.ए.सी. सदस्य डॉ. प्रतिभा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कुलानुशासक एवं आई.क्यू.ए.सी. सदस्य डॉ. अम्बरीश राय ने प्रस्तुत किया। कार्यशाला में संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं आई.क्यू.ए.सी. समन्वयकों ने सहभागिता की और नैक एवं रैंकिंग से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।