Varanasi Ganga Water Level : वाराणसी में तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, घाटों का संपर्क टूटा; नाव संचालन बंद

Varanasi Ganga Water Level : वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़कर 65.80 मीटर पहुंच गया है। घाटों के निचले हिस्से जलमग्न हैं और नाव संचालन बंद कर दिया गया है। प्रशासन अलर्ट पर है।

Varanasi Ganga Water Level : वाराणसी में तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, घाटों का संपर्क टूटा; नाव संचालन बंद

Varanasi Ganga Water Level : वाराणसी। लगातार हो रही बारिश के बीच वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार सुबह तक गंगा करीब 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थी। बढ़ते जलस्तर के कारण काशी के प्रमुख घाटों के निचले हिस्से जलमग्न हो गए हैं और कई घाटों के बीच संपर्क भी प्रभावित हुआ है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने नाव संचालन पूरी तरह बंद कर दिया है। घाटों पर पुलिस, जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

Varanasi Ganga Water Level : सावन सोमवार के चलते घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है। लोगों से गहरे पानी में नहीं जाने तथा नदी के किनारे सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

Varanasi Ganga Water Level : 65.80 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, सोमवार सुबह 8 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 65.80 मीटर दर्ज किया गया। नदी करीब 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर है।

फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 4.46 मीटर नीचे है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अगले 48 घंटे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Varanasi Ganga Water Level : शनिवार से तेजी से बढ़ रहा पानी

गंगा के जलस्तर में शनिवार से ही तेजी देखी जा रही है। रविवार को पानी बढ़ने की रफ्तार करीब 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। लगभग 12 घंटे में करीब तीन फीट पानी बढ़ने से काशी के घाटों का स्वरूप तेजी से बदल गया।

रविवार देर रात गंगा का पानी शीतला घाट के आसपास तक पहुंच गया। प्रयागराज और मिर्जापुर में भी गंगा करीब 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुमानों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बढ़ रहे जलस्तर का असर अगले 48 घंटे में वाराणसी में भी दिखाई दे सकता है।

Varanasi Ganga Water Level : घाटों का आपसी संपर्क प्रभावित, नाव संचालन बंद

गंगा का पानी बढ़ने से काशी के लगभग सभी प्रमुख घाटों की निचली सीढ़ियां और हिस्से पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर एक घाट से दूसरे घाट तक जाने का रास्ता भी प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नाव संचालन पर रोक लगा दी है। घाटों पर पुलिस और जल पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। एनडीआरएफ को भी अलर्ट पर रखा गया है। श्रद्धालुओं से नदी में उतरने और गहरे पानी के नजदीक जाने से बचने की अपील की जा रही है। वरुणा और असि नदी के किनारे भी निगरानी बढ़ाई गई है। निचले इलाकों में प्रशासन की टीमें पहुंचकर लोगों को सतर्क कर रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

Varanasi Ganga Water Level : मणिकर्णिका घाट पर आठ चितास्थल डूबे

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर काशी के महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर भी पड़ा है। यहां अंतिम संस्कार के लिए बने करीब आठ चितास्थल पानी में डूब चुके हैं।

रविवार शाम महाश्मशान नाथ मंदिर के पास सीमित स्थान पर ही चिताएं लग सकीं। निचले हिस्से में शवदाह के लिए जगह कम पड़ने के बाद छत पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था करनी पड़ी। विष्णुपद क्षेत्र में भी पानी कुछ ही सीढ़ियों की दूरी पर पहुंच गया है। इससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Varanasi Ganga Water Level : हरिश्चंद्र घाट पर भी बदली अंतिम संस्कार की व्यवस्था

हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह के लिए बनाए गए प्लेटफॉर्म भी पानी में डूब गए हैं। इसके बाद सीढ़ियों पर अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। सामान्य दिनों में जहां यहां एक साथ 10 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार हो जाता था, वहीं जलस्तर बढ़ने के बाद क्षमता घटकर करीब तीन से चार शवों तक रह गई है। यदि गंगा का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले समय में घाट के ऊपर की गलियों में अंतिम संस्कार कराने की स्थिति बन सकती है।

Varanasi Ganga Water Level : दुकानदारों और नाविकों की बढ़ी मुश्किलें

गंगा के बढ़ते पानी से घाट किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों, नाविकों और तीर्थपुरोहितों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। कई दुकानों और पूजा सामग्री की गुमटियों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया जा चुका है।

नाव संचालन बंद होने से नाविकों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। वहीं घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ रहा है।

Varanasi Ganga Water Level : उत्तराखंड और मध्य प्रदेश की बारिश का असर

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के अनुसार, पिछले 48 घंटे में गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है, जिसका प्रभाव वाराणसी में भी दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पुलिस, राजस्व विभाग और एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा है। बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में टीमें गठित की गई हैं।

Varanasi Ganga Water Level : निचले इलाकों में प्रशासन की नजर

प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, नाव संचालन पर रोक के प्रभावी अनुपालन और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सतर्क करना है।

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