Dowry Prohibition Awareness Program : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मानविकी संकाय में दहेज निषेध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने दहेज न लेने और दहेज मुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

Dowry Prohibition Awareness Program : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मानविकी संकाय में सोमवार को दहेज जैसी गंभीर सामाजिक कुरीति के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से दहेज निषेध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने दहेज प्रथा को सामाजिक अभिशाप बताते हुए इसके उन्मूलन का संकल्प लिया तथा दहेज न लेने और न देने की शपथ ग्रहण कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संदेश दिया। यह कार्यक्रम मानविकी संकाय के अंतर्गत हिंदी और अन्य भारतीय भाषा विभाग, संस्कृत एवं अन्य प्राच्य भाषा विभाग, दर्शनशास्त्र विभाग तथा अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इतिहास विभाग के स्मार्ट रूम में आयोजित किया गया।
Dowry Prohibition Awareness Program : विद्यार्थियों ने दहेज प्रथा को बताया सामाजिक अभिशाप
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दहेज प्रथा आज भी भारतीय समाज की सबसे गंभीर सामाजिक समस्याओं में से एक है। इसके कारण अनेक महिलाओं और बेटियों को मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में दहेज उत्पीड़न महिलाओं की हत्या और आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं का कारण भी बनता है। विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से ही इस कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है। युवाओं को स्वयं आगे आकर दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेना चाहिए, तभी समाज में वास्तविक बदलाव संभव होगा।
Dowry Prohibition Awareness Program : कानून होने के बावजूद बनी हुई है समस्या

वक्ताओं ने कहा कि दहेज निषेध के लिए भारतीय संविधान और विभिन्न कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। दहेज निषेध अधिनियम सहित कई कानून महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, लेकिन इसके बावजूद समाज में दहेज प्रथा पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। उन्होंने इस सामाजिक बुराई के खिलाफ सामूहिक जागरूकता और नैतिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।
Dowry Prohibition Awareness Program : विद्यार्थियों और शिक्षकों ने ली दहेज न लेने की शपथ
कार्यक्रम के अंत में सभागार में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से दहेज न लेने, न देने तथा समाज को दहेज मुक्त बनाने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि वे अपने परिवार और समाज में दहेज विरोधी संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाएंगे और इस सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
Dowry Prohibition Awareness Program : बड़ी संख्या में शिक्षक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. राजमुनि, इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद चौधरी, संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. सीमा यादव, दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. नंदिनी, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज धनकड़, प्रो. रामाश्रय सिंह, प्रो. अनुकुलचंद राय, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. विजय कुमार रंजन, डॉ. निशा सिंह, डॉ. रविंद्र कुमार गौतम, डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला, डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।