G7 Summit 2026: जी7 शिखर सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 16 महीने बाद मुलाकात हुई। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय नाविकों की मौत और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।

G7 Summit 2026: 16 महीने बाद पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात, कई अहम मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद
G7 Summit 2026: फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद बहुप्रतीक्षित मुलाकात हुई। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका संबंधों के साथ-साथ वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। इस मुलाकात पर सिर्फ भारत और अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया भर के कूटनीतिक विशेषज्ञों की नजरें टिकी हुई हैं।
G7 Summit 2026: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर हो सकती है अहम चर्चा

व्हाइट हाउस ने पहले ही संकेत दिया था कि जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। माना जा रहा है कि दोनों नेता प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर जारी वार्ताओं की समीक्षा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक प्रगति होती है तो इससे निवेश, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिल सकती है।
G7 Summit 2026: भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा भी चर्चा में
इस मुलाकात से पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मामला काफी चर्चा में रहा है। भारत में इस घटना को लेकर नाराजगी देखने को मिली है। राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे को राष्ट्रपति ट्रंप के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। घटना के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान पर भी सवाल उठे थे, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सैन्य निर्देशों का पालन करने की बात कही थी। भारत में कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर अमेरिका से स्पष्ट जवाब और जवाबदेही की अपेक्षा की जा रही है।

G7 Summit 2026: पीएम मोदी की कई देशों के नेताओं से होगी मुलाकात
जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कनाडा, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को देखते हुए इन मुलाकातों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
G7 Summit 2026: ट्रंप के रुख से नाराज हैं कई यूरोपीय देश
इस बार का जी7 सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कई यूरोपीय देशों के बीच संबंधों में तनाव देखा जा रहा है। मध्य पूर्व में जारी संकट और अमेरिका की विदेश नीति को लेकर यूरोपीय नेताओं ने कई बार असहमति जताई है। विशेष रूप से ईरान और इजरायल से जुड़े मुद्दों पर अमेरिका के सहयोगी देशों की अलग-अलग राय सामने आई है। ऐसे में सम्मेलन के दौरान ट्रंप का रुख और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बनी हुई है।
G7 Summit 2026: मैक्रों और ट्रंप के रिश्तों में भी आई दूरी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कभी बेहद करीबी संबंध माने जाते थे। हालांकि हाल के महीनों में दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी और व्यक्तिगत टिप्पणियों के कारण रिश्तों में खटास देखने को मिली है। जी7 सम्मेलन की मेजबानी कर रहे मैक्रों और ट्रंप के बीच होने वाली बातचीत पर भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया की विशेष नजर बनी हुई है।
G7 Summit 2026: वैश्विक राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है जी7 सम्मेलन
जी7 शिखर सम्मेलन 2026 ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब दुनिया व्यापारिक चुनौतियों, क्षेत्रीय संघर्षों, ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनावों का सामना कर रही है। ऐसे में भारत, अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच होने वाली वार्ताएं आने वाले समय की वैश्विक रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जहां दोनों देश व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग के नए आयाम तलाश सकते हैं।