Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : वाराणसी कैंट स्टेशन पर कछुआ तस्करी का भंडाफोड़, दून एक्सप्रेस से 45 जिंदा कछुए बरामद

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में दून एक्सप्रेस से 45 जिंदा कछुए बरामद किए गए। वन्यजीव तस्करी के इस बड़े मामले में तस्कर फरार है, जबकि वन विभाग जांच में जुट गया है।

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : वाराणसी कैंट स्टेशन पर कछुआ तस्करी का बड़ा खुलासा, दून एक्सप्रेस से 45 जिंदा कछुए बरामद

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : वाराणसी। वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया। दून एक्सप्रेस के जनरल कोच से 45 जिंदा कछुए बरामद किए गए। हालांकि कार्रवाई के दौरान संदिग्ध तस्कर भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। मामले की सूचना वन विभाग को दे दी गई है, जो अब आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच में जुट गया है।

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : परीक्षा के मद्देनजर चल रहा था विशेष चेकिंग अभियान

रविवार को जिले में बीएड और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा आयोजित होने के कारण वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया था। यात्रियों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा को देखते हुए जीआरपी, आरपीएफ तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां स्टेशन परिसर और ट्रेनों में लगातार जांच अभियान चला रही थीं। इसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि दून एक्सप्रेस के पिछले जनरल कोच में अवैध रूप से कछुओं की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम तत्काल सक्रिय हुई और संबंधित कोच में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : जनरल कोच में मिले पांच संदिग्ध लावारिस बैग

सघन तलाशी के दौरान पुलिस को जनरल कोच में पांच लावारिस बैग संदिग्ध अवस्था में मिले। जब सुरक्षा कर्मियों ने बैगों को खोलकर देखा तो उनके अंदर बड़ी संख्या में जिंदा कछुए पाए गए। यह दृश्य देखकर अधिकारियों के साथ मौजूद यात्रियों में भी हैरानी फैल गई। पुलिस ने तत्काल सभी बैगों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और वन विभाग को सूचना दी।

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : 45 जिंदा कछुए बरामद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत

बरामद किए गए कछुओं में कुल 45 जिंदा कछुए शामिल हैं, जिनमें 36 छोटे और 9 बड़े कछुए हैं। बड़े कछुओं का वजन लगभग 10 से 15 किलोग्राम बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इन कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये हो सकती है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि कछुओं की तस्करी का उपयोग अवैध व्यापार, मांस, पारंपरिक चिकित्सा और विदेशी पालतू पशु बाजारों में किया जाता है। यही वजह है कि इस प्रकार की तस्करी को वन्यजीव अपराध की गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : जौनपुर से बिहार भेजी जा रही थी खेप

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कछुओं की यह खेप जौनपुर क्षेत्र से ट्रेन में लोड की गई थी और इसे बिहार भेजा जा रहा था। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक संदिग्ध तस्कर की तस्वीर भी प्राप्त हुई है। हालांकि रेलवे स्टेशन पर मौजूद भारी भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी कार्रवाई से पहले ही फरार हो गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, यात्रियों की जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं तार

जांच अधिकारियों का मानना है कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित वन्यजीव तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। जिस तरीके से बड़ी संख्या में कछुओं को बैगों में भरकर एक राज्य से दूसरे राज्य भेजा जा रहा था, उससे संगठित गिरोह की भूमिका की आशंका मजबूत हुई है। वन विभाग और रेलवे पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : वन विभाग करेगा आगे की कानूनी कार्रवाई

जीआरपी ने बरामद सभी कछुओं को वन विभाग के सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वन विभाग की टीम कछुओं की प्रजातियों की पहचान कर रही है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी। साथ ही कछुओं को सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने की प्रक्रिया भी विशेषज्ञों की निगरानी में पूरी की जाएगी।

Turtle Smuggling at Varanasi Cantt Station : स्टेशन और ट्रेनों में बढ़ाई गई निगरानी

घटना के बाद रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में निगरानी और सख्त कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में वन्यजीव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या रेलवे अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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