Petrol-Diesel Price Hike 2026: देशभर में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा हो गया है। 10 दिनों में चौथी बार कीमतें बढ़ीं। जानिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और वाराणसी में पेट्रोल-डीजल के नए रेट और बढ़ती कीमतों की बड़ी वजह।

Petrol-Diesel Price Hike: फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम; जानिए आपके शहर का नया रेट
Petrol-Diesel Price Hike 2026: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है। नई कीमतों के मुताबिक राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। पेट्रोल में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। खास बात यह है कि पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं।
Petrol-Diesel Price Hike: 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम
मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने के बाद सबसे पहले 15 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए थे। इसके बाद 19 मई और 23 मई को भी कीमतों में इजाफा किया गया। अब एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चार साल तक स्थिर रहने के बाद अब ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी लोगों के घरेलू बजट पर असर डाल रही है। वाहन चालकों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट सेक्टर और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी इसका प्रभाव दिखाई देने लगा है।
Petrol-Diesel Price Hike: क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। सप्लाई में कमी आने से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। कच्चा तेल महंगा होने के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनियों को रोजाना भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। इसी नुकसान की भरपाई के लिए कंपनियां चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली हलचल का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर दिखाई देता है।
Petrol-Diesel Price Hike: देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट
दिल्ली
पेट्रोल: 102.12 रुपये प्रति लीटर
डीजल: 95.20 रुपये प्रति लीटर
मुंबई
पेट्रोल: 111.21 रुपये प्रति लीटर
डीजल: 97.83 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता
पेट्रोल: 113.51 रुपये प्रति लीटर
डीजल: 99.82 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई
पेट्रोल: 107.77 रुपये प्रति लीटर
डीजल: 99.55 रुपये प्रति लीटर
वाराणसी में पेट्रोल का नया रेट
वाराणसी में आज पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। शहर में पेट्रोल की कीमत में आखिरी बदलाव 24 मई 2026 को हुआ था, जब इसमें 0.27 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई थी। पिछले 10 दिनों के दौरान वाराणसी में पेट्रोल की कीमत 98.56 रुपये से लेकर 99.89 रुपये प्रति लीटर के बीच रही है। लगातार हो रही बढ़ोतरी ने स्थानीय वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है।
Petrol-Diesel Price Hike: दिल्ली में अब तक कितना महंगा हुआ पेट्रोल?
कीमतों में बढ़ोतरी शुरू होने से पहले दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर था। अब तक राजधानी में पेट्रोल 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 7.53 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। छोटी-छोटी बढ़ोतरी के बावजूद लगातार बढ़ते दाम अब आम लोगों के मासिक बजट पर भारी असर डाल रहे हैं।
Petrol-Diesel Price Hike: क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए फिलहाल राहत की संभावना कम दिखाई दे रही है। यदि मिडिल-ईस्ट में तनाव और बढ़ता है तथा कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भारत की आयात निर्भरता अधिक होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी सी तेजी भी घरेलू बाजार पर बड़ा असर डालती है।
Petrol-Diesel Price Hike: आम आदमी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ती है, जिससे फल-सब्जी, राशन, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ने लगती हैं। ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बढ़ती लागत का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ता है। यही वजह है कि ईंधन की कीमतों में हर बढ़ोतरी महंगाई को और तेज कर देती है।
Petrol-Diesel Price Hike: फिलहाल राहत की उम्मीद कम
सरकार और तेल कंपनियां लगातार अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलना मुश्किल है। ऐसे में आने वाले दिनों में ईंधन की बढ़ती कीमतें देश के आम उपभोक्ताओं और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए सबसे बड़ा आर्थिक मुद्दा बनी रह सकती हैं।