Russia China Strategic Talks : अमेरिका-चीन वार्ता के बाद रूस ने भी रणनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। क्रेमलिन के अनुसार राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही चीन दौरे पर शी जिनपिंग से मुलाकात कर वैश्विक मुद्दों और अमेरिका-चीन संबंधों पर चर्चा कर सकते हैं।

Russia China Strategic Talks : अमेरिका-चीन बातचीत के बाद रूस की एंट्री, पुतिन करेंगे शी जिनपिंग से बड़ा मंथन

Russia China Strategic Talks : नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump अपने तीन दिवसीय चीन दौरे के बाद शुक्रवार को बीजिंग से रवाना हो गए। लगभग 40 घंटे तक चली अमेरिका-चीन उच्चस्तरीय वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहीं। इस बीच अब रूस ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देकर वैश्विक कूटनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
Russia China Strategic Talks : पुतिन और शी जिनपिंग के बीच होगी अहम चर्चा

क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin अपने आगामी चीन दौरे के दौरान चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में अमेरिका-चीन वार्ता, वैश्विक शक्ति संतुलन, यूक्रेन संकट, ताइवान विवाद और पश्चिमी देशों की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। रूस इस बात को गंभीरता से देख रहा है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी आर्थिक और सैन्य शक्तियों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है। मॉस्को को आशंका है कि यदि वॉशिंगटन और बीजिंग के रिश्तों में किसी प्रकार की स्थिरता आती है, तो उसका असर वैश्विक रणनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
Russia China Strategic Talks : क्रेमलिन ने क्या कहा?

क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति पुतिन की चीन यात्रा की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच हुई वार्ता के निष्कर्षों को समझने और भविष्य की वैश्विक राजनीति का आकलन करने के लिए यह बैठक अहम साबित हो सकती है। पेस्कोव ने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी शक्तियां किसी बड़े मुद्दे पर आमने-सामने बैठती हैं, तो उसका असर केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ता है। रूस भी इन घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए है।
Russia China Strategic Talks : ट्रंप-शी बैठक के बाद बढ़ी वैश्विक हलचल
विशेषज्ञों के अनुसार United States और China के बीच हालिया बातचीत से यह संकेत जरूर मिला है कि दोनों देश टकराव कम करने और संबंधों को स्थिर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि ताइवान, व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, दक्षिण चीन सागर और ईरान जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा अभी भी बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सकारात्मक दिशा में ले जाने की बात कही, जबकि शी जिनपिंग ने ताइवान मुद्दे पर चीन के रुख को स्पष्ट करते हुए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को अस्वीकार्य बताया।

Russia China Strategic Talks : रूस क्यों है सतर्क?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रूस नहीं चाहता कि अमेरिका और चीन के बीच संबंध इतने मजबूत हो जाएं कि वैश्विक मंच पर उसकी रणनीतिक भूमिका कमजोर पड़े। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पहले ही पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और ऐसे समय में चीन उसका सबसे बड़ा रणनीतिक और आर्थिक साझेदार बना हुआ है। इसी वजह से मॉस्को यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बीजिंग के साथ उसकी साझेदारी और मजबूत बनी रहे। पुतिन और शी जिनपिंग की संभावित बैठक को इसी रणनीतिक संतुलन के नजरिए से देखा जा रहा है।
Russia China Strategic Talks : बदलते वैश्विक समीकरणों पर दुनिया की नजर
अमेरिका, चीन और रूस के बीच बढ़ती कूटनीतिक गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में नए समीकरण उभर सकते हैं। एक ओर अमेरिका इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपना प्रभाव मजबूत करना चाहता है, वहीं चीन और रूस पश्चिमी दबाव के खिलाफ अपने सहयोग को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में इन तीनों शक्तियों की रणनीति दुनिया की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और भू-राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।