Grihyasutron Mein Grihyakarm Book Release : काशी विद्यापीठ में ‘गृह्यसूत्रों में गृह्यकर्म’ पुस्तक का विमोचन, कुलपति प्रो. ए.के. त्यागी रहे मौजूद

Grihyasutron Mein Grihyakarm Book Release : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में संस्कृत विभाग के डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ल और डॉ. श्वेता अग्रहरि की पुस्तक ‘गृह्यसूत्रों में गृह्यकर्म’ का विमोचन कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने किया। पुस्तक में वैदिक परंपराओं और गृह्यकर्मों के महत्व को विस्तार से बताया गया है।

Grihyasutron Mein Grihyakarm Book Release : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संस्कृत विभाग में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के तहत डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ल एवं डॉ. श्वेता अग्रहरि द्वारा लिखित पुस्तक ‘गृह्यसूत्रों में गृह्यकर्म’ का विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी एवं कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया।

Grihyasutron Mein Grihyakarm Book Release : इस अवसर पर कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं को संरक्षित एवं प्रचारित करने में संस्कृत साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने के लिए इस प्रकार के शोधपरक और उपयोगी प्रकाशनों की आवश्यकता है।

Grihyasutron Mein Grihyakarm Book Release : पुस्तक के लेखक डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ल ने बताया कि आज भी भारतीय समाज में अनेक गृह्यकर्म विभिन्न स्वरूपों में प्रचलित हैं, लेकिन उनके वास्तविक वैदिक आधार और महत्व से आमजन पूरी तरह परिचित नहीं हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर सम्पन्न होने वाला ‘श्रवणाकर्म’ आज भी देश के कई हिस्सों में सर्पभय मुक्ति की मान्यता के साथ किया जाता है।

Grihyasutron Mein Grihyakarm Book Release : उन्होंने कहा कि पुस्तक ‘गृह्यसूत्रों में गृह्यकर्म’ के माध्यम से उन वैदिक कर्मकांडों और परंपराओं को सरल भाषा में समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जिनके बारे में वर्तमान पीढ़ी कम जानकारी रखती है। यह पुस्तक भारतीय वैदिक ज्ञान, संस्कृति और परंपराओं को समझने में उपयोगी सिद्ध होगी।

Grihyasutron Mein Grihyakarm Book Release : कार्यक्रम में मानविकी संकाय के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्रा सहित प्रो. नलिनी श्याम कामिल, प्रो. राकेश कुमार तिवारी, डॉ. अमरीश राय, डॉ. नवरत्न सिंह, डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह, डॉ. सतीश कुशवाहा, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. राधेश्याम राय एवं डॉ. अमरेंद्र सिंह समेत विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

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