Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय ‘सम्राट विक्रमादित्य महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ, सीएम योगी आदित्यनाथ और डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में हुआ। 225 कलाकारों के अद्भुत मंचन ने जीवंत किया प्राचीन भारत का स्वर्णिम इतिहास।

Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : काशी में लौटा प्राचीन भारत का स्वर्णिम युग
धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी एक बार फिर ऐतिहासिक भव्यता की साक्षी बनी, जब तीन दिवसीय ‘सम्राट विक्रमादित्य महोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। बीएलडब्ल्यू स्थित सूर्य सरोवर मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम ने काशी को मानो प्राचीन भारत के स्वर्णिम युग में पहुंचा दिया। इस महोत्सव का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त रूप से किया।

Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : 225 कलाकारों ने जीवंत किया विक्रमादित्य का युग
महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें 225 से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया। तीन भव्य मंचों पर एक साथ अलग-अलग दृश्य प्रस्तुत किए गए, जिनमें सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के प्रमुख प्रसंग—जन्म, वीरता, न्याय और लोककल्याण—को जीवंत किया गया।
Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : मंचन की खास बातें
3 विशाल मंच, 18 घोड़े, 2 रथ, 4 ऊँट, 1 हाथी, 1 पालकी, हाईटेक लाइटिंग और डिजिटल इफेक्ट्स, युद्ध दृश्य और शौर्य गाथाएं दर्शकों को ऐसा अनुभव हुआ मानो वे इतिहास को अपनी आंखों के सामने घटित होते देख रहे हों।
Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : महाकाल की भस्म आरती से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत उज्जैन की परंपरा से जुड़ी महाकाल की भस्म आरती और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इस दिव्य आयोजन ने काशीवासियों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से अभिभूत कर दिया।
Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : सीएम योगी का संबोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “भारत की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली है। सम्राट विक्रमादित्य केवल एक राजा नहीं, बल्कि न्याय, धर्म और लोककल्याण के प्रतीक थे।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम हैं। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहले समाज में खलनायकों को हीरो के रूप में प्रस्तुत किया जाता था, लेकिन अब समय बदल चुका है।
Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : डॉ. मोहन यादव का बयान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “सम्राट विक्रमादित्य भारतीय इतिहास के ऐसे महान शासक हैं, जिनकी कीर्ति आज भी जनमानस में जीवित है।” उन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने की बात कही। साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेतवा नदी परियोजना पर संयुक्त कार्य का भी उल्लेख किया।
Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : काशी विश्वनाथ को भेंट होगी वैदिक घड़ी
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहन यादव ने सीएम योगी को 700 किलोग्राम की विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भेंट की, जिसे काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : हाथी-घोड़ों की गूंज से रोमांचित हुआ जनसमूह
महानाट्य में वास्तविक हाथी और घोड़ों का उपयोग किया गया, जिसने दर्शकों के रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया। घोड़ों की टाप, युद्ध के दृश्य और सैनिकों की टुकड़ियों ने पूरे मैदान को तालियों से गूंजा दिया।

Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी में निम्न विषयों को दर्शाया गया। आर्ष भारत, सम्राट विक्रमादित्य, अयोध्या और शिव पुराण, 84 महादेव, मध्य प्रदेश के पवित्र स्थल सहित यह प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : “लाइव इतिहास की किताब” बना आयोजन
हजारों दर्शकों की मौजूदगी में यह आयोजन एक “लाइव इतिहास की किताब” बन गया। विशेषकर बच्चों और युवाओं के लिए यह कार्यक्रम शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक साबित हुआ।
Samrat Vikramaditya Mahotsav Varanasi : ‘सम्राट विक्रमादित्य महोत्सव’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के गौरवशाली इतिहास, न्याय व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने और भारतीय मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करता है।