BHU Teachers Protest : वाराणसी के BHU में शिक्षकों ने 4 साल से लंबित प्रमोशन और इंक्रीमेंट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। DACP और प्रशासनिक अनियमितताओं पर उठाए गंभीर सवाल।
BHU Teachers Protest : वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर्स ने केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। चार वर्षों से लंबित पड़े नोशनल इंक्रीमेंट, पूर्व सेवा गणना और DACP (Dynamic Assured Career Progression) के तहत प्रमोशन जैसे अहम मुद्दों को लेकर शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा।

BHU Teachers Protest : 4 साल से लंबित प्रमोशन बना मुख्य मुद्दा
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज सहित कई विभागों में DACP के तहत मिलने वाले प्रमोशन को जानबूझकर रोका जा रहा है। इसके अलावा, नोशनल इंक्रीमेंट और पूर्व सेवा के लाभ भी अब तक नहीं दिए गए हैं। शिक्षकों के अनुसार, इस देरी से उनकी पेशेवर प्रगति प्रभावित हो रही है और यह उनके अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
BHU Teachers Protest : प्रशासन पर मनमानी और नियमों के उल्लंघन के आरोप
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने डिप्टी रजिस्ट्रार (एडमिन) वाई वेलु और अजय पर विश्वविद्यालय के नियमों की गलत व्याख्या करने और मनमानी का आरोप लगाया। केंद्रीय कार्यालय में मौजूद अधिकारियों को शिक्षकों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा, जहां वे कई सवालों का संतोषजनक जवाब देने में असहज नजर आए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए संबंधित अधिकारियों को हटाने की मांग तक उठा दी।

BHU Teachers Protest : ग्रीवांस कमेटी की रिपोर्ट पर भी सवाल
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकारी परिषद द्वारा गठित ग्रीवांस कमेटी की रिपोर्ट के साथ प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया है। नियमों के अनुसार, रिपोर्ट को हायर ग्रेवांस कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए था, लेकिन इसे सीधे कुलसचिव को सौंप दिया गया। शिक्षकों का मानना है कि यह पारदर्शिता के खिलाफ है और मामलों को जानबूझकर लंबित रखने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
BHU Teachers Protest : PMO तक जाने की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक अपनी बात पहुंचाएंगे। साथ ही, उन्होंने चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करने का ऐलान भी किया है।
BHU Teachers Protest : देर शाम तक जारी रहा विरोध
शिक्षक देर शाम तक केंद्रीय कार्यालय में डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई ठोस आश्वासन सामने नहीं आया है, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।