LPG Crisis India : शिवालिक और नंदादेवी जहाजों से भारत को राहत, 13 दिन की गैस का इंतजाम

LPG Crisis India : ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को राहत, शिवालिक और नंदादेवी जहाजों से 13 दिन की LPG सप्लाई सुनिश्चित। जानिए पूरी स्थिति और आगे की चुनौती।

LPG Crisis India : LPG संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर

LPG Crisis India : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे भारतीय जहाजों में से दो—शिवालिक और नंदादेवी—को आखिरकार निकलने की अनुमति मिल गई है। इन जहाजों पर बड़ी मात्रा में एलपीजी (LPG) लदी हुई है, जिससे भारत को फिलहाल कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

LPG Crisis India : कितनी गैस लेकर आ रहे हैं दोनों जहाज?

मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट, शिपिंग एंड वाटरवेज के अनुसार शिवालिक जहाज: ~45,000 मीट्रिक टन LPG, नंदादेवी जहाज: ~47,700 मीट्रिक टन LPG, कुल LPG: 92,700 मीट्रिक टन के साथ शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंच रहा है और नंदादेवी जहाज कांडला पोर्ट पर डॉक करेगा।

LPG Crisis India : कितने दिन चलेगी ये गैस?

भारत में रोजाना LPG खपत का औसत लगभग 7,500 से 8,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन इस हिसाब से 92,700 ÷ 8,000 ≈ 11–13 दिन यानी इन दोनों जहाजों से आई गैस लगभग 13 दिनों तक देश की जरूरत पूरी कर सकती है।

LPG Crisis India : क्या इससे खत्म हो जाएगा LPG संकट?

सीधा जवाब: नहीं, पूरी तरह नहीं। कारण: अभी भी 22 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। सप्लाई चेन पूरी तरह बहाल नहीं हुई है। वैश्विक तनाव बना हुआ है। यानी यह राहत अस्थायी (temporary relief) है, स्थायी समाधान नहीं।

LPG Crisis India : भारत की घरेलू उत्पादन से मिली मजबूती

संकट के बीच भारत ने अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है-LPG उत्पादन में 28% की वृद्धि, पहले: 1.158 मिलियन टन/माह, अब: ~1.5 मिलियन टन/माह, इससे भारत लगभग 15 दिनों तक खुद की जरूरत पूरी करने में सक्षम हो गया है।

LPG Crisis India : भारत में LPG खपत का बढ़ता ग्राफ

पिछले 30 वर्षों में LPG उपयोग में जबरदस्त वृद्धि:
1998-99: 446 हजार मीट्रिक टन
2025-26: 2,754 हजार मीट्रिक टन
यानी करीब 6 गुना वृद्धि
शहरी क्षेत्रों में खपत अधिक, जबकि ग्रामीण इलाकों में अभी भी कम उपयोग

LPG Crisis India : आगे क्या?

स्थिति काफी हद तक इस पर निर्भर करेगी-क्या ईरान आगे भी भारतीय जहाजों को निकलने देगा? क्या होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुलता है? वैश्विक तनाव कब कम होगा? यदि और जहाजों को अनुमति मिलती है, तो कुछ ही दिनों में सप्लाई सामान्य हो सकती है। शिवालिक और नंदादेवी जहाजों का भारत पहुंचना निश्चित रूप से राहत की खबर है, लेकिन यह राहत सीमित समय के लिए है। जब तक बाकी जहाज सुरक्षित नहीं पहुंचते और वैश्विक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक LPG संकट की आशंका बनी रहेगी।

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