National Ayurveda Day 2026 : वाराणसी के राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयुर्वेद फूड फेस्टिवल और पुस्तकों का विमोचन हुआ। आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ने आयुर्वेद को स्वस्थ जीवन की संपूर्ण जीवनशैली बताया।
National Ayurveda Day 2026 : आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, स्वस्थ जीवन की संपूर्ण जीवनशैली : आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’
National Ayurveda Day 2026 : वाराणसी। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, वाराणसी में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। इसके बाद उन्होंने आयुर्वेद फूड फेस्टिवल का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अधीक्षक डॉ. डी.के. मौर्य के निर्देशन तथा 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में हुआ।
National Ayurveda Day 2026 : आयुर्वेदिक व्यंजनों ने बढ़ाया फूड फेस्टिवल का आकर्षण
आयुर्वेद फूड फेस्टिवल में आयुर्वेद आधारित विभिन्न स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। इसमें आलूकामृत, पंचामृत पानक, चिंचा पानक, कूष्माण्ड मोदक, मधुर मक्का, अमृत मुद्ग, अग्निअमृत भेल और सात्विक इडली सहित अनेक व्यंजन शामिल रहे।
फूड फेस्टिवल के माध्यम से संतुलित, पौष्टिक और आयुर्वेदसम्मत आहार के महत्व को प्रदर्शित किया गया। आयोजन में विद्यार्थियों और महाविद्यालय से जुड़े लोगों ने आयुर्वेद के सिद्धांतों पर आधारित खान-पान की जानकारी भी साझा की।
National Ayurveda Day 2026 : आयुर्वेद स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण जीवनशैली : दयाशंकर मिश्र
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। यह केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया प्राकृतिक और संतुलित जीवनशैली की ओर आकर्षित हो रही है। ऐसे समय में आयुर्वेद की उपयोगिता और प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। आयुर्वेद को केवल अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों तक सीमित न रखते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि स्वस्थ खान-पान, उचित दिनचर्या, योग, प्राकृतिक जीवनशैली और आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाकर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो सकता है।
National Ayurveda Day 2026 : विद्यार्थियों से शोध और नवाचार पर जोर
डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने आयुर्वेद के छात्र-छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे इस महान चिकित्सा परंपरा के भावी वाहक हैं। आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आयुर्वेद के ज्ञान को समाज तक पहुंचाने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शोध, नवाचार और जनजागरूकता के माध्यम से आयुर्वेद को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके बाद आयुष मंत्री धन्वंतरि भवन पहुंचे और छात्र-छात्राओं तथा उपस्थित जनसमुदाय को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली और जनस्वास्थ्य में आयुर्वेद की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
National Ayurveda Day 2026 : ‘स्वस्थ मंजरी’ सहित पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, वाराणसी की पत्रिका ‘स्वस्थ मंजरी’ का विमोचन आयुष मंत्री द्वारा किया गया। इसके साथ ही प्रो. डॉ. संजय कुमार पाण्डेय की पुस्तक और डॉ. शिप्रा की नवीन पुस्तक का भी विमोचन हुआ। आयुष मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी ने बताया कि 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर प्रदेश में आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ 23 सितंबर 2026 को लखनऊ रवाना होंगे।
National Ayurveda Day 2026 : चिकित्सकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. नितिन शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीष मिश्रा ने किया। इस अवसर पर डॉ. डी.के. मौर्य, प्रो. मनोहर राम, डॉ. संजय प्रकाश, डॉ. धनंजय कुमार, डॉ. ऋचा पाठक, डॉ. अरुण दत्त राजौरिया, डॉ. अवधेश सरोज, डॉ. चंद्रभान सिंह सहित महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के चिकित्सक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
National Ayurveda Day 2026 : कार्यक्रम उत्साहपूर्ण एवं गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजन के माध्यम से आयुर्वेदिक आहार, स्वस्थ जीवनशैली और आयुर्वेद की उपयोगिता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।