Varanasi Three Lakh Plantation World Record : वाराणसी में तीन लाख पौधरोपण से बना वर्ल्ड रिकॉर्ड, डोमरी में 350 बीघा पर हरियाली का महासंकल्प

Varanasi Three Lakh Plantation World Record : वाराणसी के डोमरी गांव में 350 बीघा जमीन पर तीन लाख से अधिक पौधरोपण कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। 20 हजार लोगों ने एक साथ भाग लिया। मियावाकी तकनीक से विकसित यह परियोजना नगर निगम को सातवें वर्ष तक सात करोड़ रुपये वार्षिक आय देगी।

Varanasi Three Lakh Plantation World Record : वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व में गोद लिए गांव डोमरी में एक ऐतिहासिक पर्यावरणीय अभियान ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एक मार्च को आयोजित भव्य पौधरोपण कार्यक्रम में 20 हजार लोगों ने एक साथ भाग लेकर 350 बीघा भूमि पर तीन लाख से अधिक पौधे रोपे। यह अभियान विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सर्किट हाउस में इस परियोजना की प्रस्तुति देखेंगे और इसके बाद प्रमाण पत्र प्रदान कर आयोजकों को सम्मानित करेंगे।

Varanasi Three Lakh Plantation World Record : ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की मिसाल

मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ आह्वान से प्रेरित होकर यह ऐतिहासिक अभियान संचालित किया गया। पौधरोपण के लिए पूरे क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया, जिनके नाम वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों पर रखे गए थे। कार्यक्रम सुबह 8 बजे शुरू हुआ और लगभग एक घंटे तक चला। खबर लिखे जाने तक 2.35 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके थे, जबकि कुल लक्ष्य 3,17,120 पौधों का था।

Varanasi Three Lakh Plantation World Record : मियावाकी तकनीक से विकसित होगा आत्मनिर्भर इको-सिस्टम

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि इस परियोजना के लिए मध्यप्रदेश की एमबीके संस्था के साथ समझौता किया गया है। यहां मियावाकी तकनीक से सघन वन विकसित किया जाएगा, जिसमें 27 प्रकार के देशी वृक्ष लगाए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शीशम, अर्जुन, बांस, कचनार, महुआ, हरसिंगार नदी किनारे के वातावरण और अस्थायी जलभराव को सहन करने वाले पेड़ों को प्राथमिकता दी गई है।

Varanasi Three Lakh Plantation World Record : फल, फूल और औषधीय खेती से होगी करोड़ों की आय

परियोजना केवल हरियाली तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आत्मनिर्भर इको-सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। तीसरे वर्ष से निम्न पौधों से आय शुरू होने की संभावना है जिसमें आम, अमरूद, पपीता, अनार (फलदार वृक्ष), अश्वगंधा, शतावरी, गिलोय, एलोवेरा (औषधीय पौधे), गुलाब, चमेली, पारिजात (फूल) आदि शामिल हैं।

Varanasi Three Lakh Plantation World Record : अनुमानित आय (नगर निगम)

तीसरा वर्ष: 2 करोड़ रुपये

पांचवां वर्ष: 5 करोड़ रुपये

छठा वर्ष: 6 करोड़ रुपये

सातवां वर्ष: 7 करोड़ रुपये वार्षिक

पांच वर्षों में कुल अनुमानित आय लगभग 19.80 करोड़ रुपये आंकी गई है।

Varanasi Three Lakh Plantation World Record : आधुनिक सिंचाई व्यवस्था

भीषण गर्मी को देखते हुए विशेष सिंचाई प्रबंधन किया गया है:

10,827 मीटर लंबी पाइपलाइन

10 बोरवेल

360 रेन गन स्प्रिंकलर सिस्टम

मार्च से जून तक सप्ताह में तीन बार 45 मिनट सिंचाई

विशेषज्ञों के अनुसार मार्च का पहला सप्ताह पौधरोपण के लिए अनुकूल समय है, जिससे मानसून से पहले जड़ें मजबूत हो जाती हैं और मिट्टी का कटाव रुकता है।

Varanasi Three Lakh Plantation World Record : परियोजना एक नजर में

बिंदुविवरणकुल पौधे3,17,120कुल भूमि350 बीघाप्रतिभागी20,000 लोगपाइपलाइन नेटवर्क10,827 मीटरबोरवेल10स्प्रिंकलर360अनुमानित आय (5 वर्ष)₹19.80 करोड़पाथवे4 किलोमीटर

Varanasi Three Lakh Plantation World Record : यह परियोजना केवल एक हरित पहल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और नगर निगम की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। डोमरी की यह हरियाली अब वाराणसी के विकास मॉडल की नई पहचान बनेगी।

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