Varanasi POCSO Case : विशेष पॉक्सो कोर्ट, वाराणसी ने एक आठ वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में जंसा थाना क्षेत्र के आरोपी श्याम सुंदर उर्फ सुक्खू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाने का आदेश दिया गया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे अपराधों में कठोर दंड समाज में स्पष्ट संदेश देने के लिए अनिवार्य है।
Varanasi POCSO Case : घटना का पूरा मामला
यह मामला 23 जून 2023 का है। पीड़िता की मां ने जंसा थाने में तहरीर देकर बताया कि उनकी आठ वर्षीय बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया।
बच्ची ने घटना की जानकारी तुरंत परिवार को दी, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मेडिकल परीक्षण और साक्ष्य जांच में आरोप सही पाए गए और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

Varanasi POCSO Case : अदालत में पेश हुए 6 गवाह
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (प्रथम) विकास श्रीवास्तव की अदालत में हुई।
सुनवाई के दौरान:
Varanasi POCSO Case : अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक आदित्य नारायण सिंह ने कठोर सजा की मांग की।
वादी पक्ष की पैरवी अधिवक्ता शाईनी शेख, सौम्या चौबे और दीपक गौड़ ने की।
कुल 6 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें पीड़िता के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट सबसे अहम साबित हुए।
सभी साक्ष्यों और गवाहियों को आधार मानते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
Varanasi POCSO Case : अदालत की टिप्पणी
अदालत ने कहा कि—
“बाल यौन शोषण जैसे जघन्य अपराधों में कठोर सजा देना आवश्यक है, ताकि समाज में भय और कानून का सम्मान बना रहे।”
यह फैसला उन मामलों में एक कड़ा संदेश है, जहां मासूम बच्चों के साथ हिन्सात्मक अपराध किए जाते हैं।