Varanasi : माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा विश्व कल्याण की भावना के साथ आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत मंगलवार को छप्पन भोग, रुक्मिणी विवाह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन माहेश्वरी भवन, महमूरगंज में अपराह्न 2:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक संपन्न हुआ।
कथा व्यासपीठ से पं. संजय शास्त्री (प्रधान अर्चक, श्री श्याम मंदिर) ने श्रीमद्भागवत कथा का भावपूर्ण रसपान कराया। कार्यक्रम के जजमान श्यामसुंदर कचोलिया एवं सोहनी देवी कचोलिया रहे। कथा के प्रथम दिन 24 दिसंबर को भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ था।

कार्यक्रम में रुक्मिणी विवाह प्रसंग का सजीव मंचन किया गया, जिसमें विदर्भ नरेश भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी और भगवान श्रीकृष्ण के पावन विवाह की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के अनुसार रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में स्वीकार करना चाहती थीं, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया। रुक्मिणी द्वारा श्रीकृष्ण को भेजे गए संदेश के पश्चात श्रीकृष्ण ने उनका हरण कर शिशुपाल व रुक्मी को युद्ध में पराजित किया और द्वारका ले जाकर विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया। इस प्रसंग को प्रेम, भक्ति और ईश्वर से मिलन का अनुपम उदाहरण बताया गया।
समाज के प्रचार मंत्री गौरव राठी ने बताया कि कथा श्रवण हेतु महिलाओं ने चुनरी की साड़ी तथा पुरुषों ने कुर्ता-पजामा धारण कर सहभागिता की, जिससे कार्यक्रम का धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण और अधिक भावपूर्ण बन गया। अतिथियों का स्वागत धीरज मल द्वारा किया गया, प्रसाद वितरण की व्यवस्था राजेश गट्टानी ने संभाली। कार्यक्रम का संचालन कृष्ण कुमार काबरा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन मंत्री कुमुद चांडक ने किया।

कार्यक्रम में संगठन की अध्यक्ष कविता मारू, मंत्री कुमुद चांडक, तनु चांडक, सुनीता राठी, संगीता सोनी, संतोष शारडा, मधु मल, किशोर मुंद्डा, अनिल झवर, लोकेंद्र करवा, लाल चांडक, गौरव राठी, मधु राठी, अलका बाहेती, शशि राठी, सुधा डागा, मंजू झवर, सुषमा कोठारी, वीणा मुंद्डा, सरिता दमानी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।