US Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच 150 अमेरिकी कार्गो प्लेन और 50 फाइटर जेट मिडिल ईस्ट भेजे जाने की खबर से जंग की आशंका तेज हो गई है। ट्रंप और खामेनेई के बयान, परमाणु वार्ता और संभावित सैन्य कार्रवाई पर पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।
US Iran War : अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव, क्या जंग तय?
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध की आशंका गहराती नजर आ रही है। परमाणु समझौते को लेकर चल रही बातचीत के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 24 घंटों में 150 से अधिक अमेरिकी सैन्य कार्गो प्लेन ने हथियार और गोला-बारूद मध्य पूर्व पहुंचाया है, जबकि 50 से ज्यादा फाइटर जेट तैनात किए गए हैं। परमाणु वार्ता के दूसरे दौर से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी। इसके जवाब में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei ने भी अमेरिका को करारा जवाब देने की बात कही।

US Iran War : मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने जिन लड़ाकू विमानों को तैनात किया है, उनमें अत्याधुनिक F-35, F-22 और F-16 शामिल हैं।
रिपोर्ट्स का दावा है कि संभावित सैन्य अभियान कई हफ्तों तक चल सकता है और इसमें अमेरिका के साथ इजरायल की भी भूमिका हो सकती है। बताया जा रहा है कि ईरान की भूमिगत परमाणु सुविधाएं संभावित निशाने पर हो सकती हैं।
US Iran War : जिनेवा वार्ता और कूटनीतिक कोशिशें
हाल ही में जिनेवा में अमेरिकी प्रतिनिधियों और ईरानी विदेश मंत्री के बीच तीन घंटे की बातचीत हुई। हालांकि दोनों पक्षों ने ‘प्रगति’ की बात कही, लेकिन मतभेद अब भी गहरे हैं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन कुछ मुद्दों पर राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट सीमाएं तय कर दी हैं। वहीं अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham ने संकेत दिया कि अगर समझौता नहीं हुआ तो सैन्य विकल्प खुला है।

US Iran War : क्या अगले कुछ हफ्तों में होगा हमला?
सूत्रों का दावा है कि अगले कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई की संभावना 90 फीसदी तक है। हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से आधिकारिक तौर पर युद्ध की घोषणा नहीं की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि परमाणु समझौता विफल होता है तो अमेरिका सीमित सैन्य ऑपरेशन शुरू कर सकता है। ईरान की प्रतिक्रिया से पूरे मिडिल ईस्ट में बड़ा संघर्ष भड़क सकता है। तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

US Iran War : क्षेत्रीय और वैश्विक असर
यदि युद्ध होता है, तो इसका प्रभाव केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी देश, इजरायल और वैश्विक शक्तियां भी इसमें शामिल हो सकती हैं। तेल की कीमतों में उछाल, समुद्री मार्गों पर खतरा और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता की आशंका बढ़ जाएगी। फिलहाल दुनिया की नजर जिनेवा वार्ता और व्हाइट हाउस के अगले कदम पर टिकी है।
US Iran War : अमेरिका-ईरान के बीच हालात बेहद संवेदनशील हैं। एक ओर कूटनीतिक बातचीत जारी है, तो दूसरी ओर सैन्य तैयारी भी तेज है। आने वाले कुछ हफ्ते मिडिल ईस्ट और वैश्विक राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।