Sunetra Pawar Deputy CM : महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा बदलाव, सुनेत्रा पवार का डिप्टी सीएम बनना लगभग तय। छगन भुजबल का दावा- दो घंटे में होगा फैसला। अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में नेतृत्व को लेकर हलचल तेज।
Sunetra Pawar Deputy CM : महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में नेतृत्व को लेकर मंथन तेज हो गया है। इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। एनसीपी नेता छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा कि “घंटे-दो घंटे में फैसला हो जाएगा। अगर कल शपथ का सवाल है, तो सीएम ने कहा है कि इसमें कोई समस्या नहीं है।”

Sunetra Pawar Deputy CM : विधायकों की बैठक और राज्यपाल को प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेता बारामती पहुंचेंगे। वहां सुनेत्रा पवार से चर्चा के बाद पार्टी के सभी विधायकों की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में दलनेता का चयन और सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव पर सहमति बनाई जाएगी। इसके बाद विधायकों के समर्थन पत्र मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे और प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी।

Sunetra Pawar Deputy CM : अजित पवार पर सिंचाई घोटाले के आरोपों पर बीजेपी का बयान
इस बीच बीजेपी नेता और महाराष्ट्र बीजेपी के मीडिया प्रभारी नवनाथ बन ने सिंचाई घोटाले को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि “इसमें कोई संदेह नहीं कि दिवंगत अजित पवार सिंचाई घोटाले के मामले में बेदाग साबित होंगे।” नवनाथ बन यह बयान शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की टिप्पणी के जवाब में दे रहे थे। राउत ने कहा था कि अजित पवार को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब बीजेपी उनके खिलाफ आरोप वापस ले। इस पर बन ने कहा कि मामला अदालत में है और शोक की इस घड़ी में राजनीति करना अनुचित है।

Sunetra Pawar Deputy CM : बारामती में अस्थि संग्रह का अनुष्ठान
अजित पवार के दाह संस्कार के एक दिन बाद उनके दोनों बेटों पार्थ पवार और जय पवार ने बारामती में अंतिम संस्कार स्थल से उनकी अस्थियां एकत्र कीं। इस अनुष्ठान में राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार, परिवार के अन्य सदस्य और करीबी लोग मौजूद रहे। हिंदू परंपरा के अनुसार, अस्थियों का बाद में पवित्र नदी में विसर्जन किया जाएगा।