Shivratri Sangeet Mahotsav Varanasi : वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में आयोजित शिवरात्रि संगीत महोत्सव में कथक के 57 चक्कर और तबले की भव्य कचहरी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बनारस घराने के कलाकारों ने सुर, लय और ताल से सजी आध्यात्मिक संध्या प्रस्तुत की।
Shivratri Sangeet Mahotsav Varanasi : वाराणसी में शिवभक्ति और शास्त्रीय संगीत का अद्भुत संगम

धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी में आयोजित शिवरात्रि संगीत महोत्सव की पहली निशा संगीत और नृत्य साधना को समर्पित रही। दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय परिसर में तीन दिवसीय महोत्सव का भव्य शुभारंभ प्रख्यात संत रमेश भाई ओझा (भाईश्री) ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं भगवान नटराज के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर बनारस घराने के कलाकारों ने सुर, लय और ताल की ऐसी कचहरी सजाई कि पूरा सभागार शिवमय हो उठा।
Shivratri Sangeet Mahotsav Varanasi : पं. छन्नूलाल मिश्र को समर्पित रही पहली संध्या

महोत्सव की पहली निशा भगवान शिव के अनन्य उपासक और प्रख्यात उपशास्त्रीय गायक पं. छन्नूलाल मिश्र को समर्पित रही। उनके पुत्र एवं शिष्यों ने भावभीनी संगीतांजलि अर्पित की। प्रस्तुति के दौरान ठुमरी, दादरा और कजरी की मधुर रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
Shivratri Sangeet Mahotsav Varanasi : कथक में 57 चक्कर, दर्शक रह गए स्तब्ध
संगीत यात्रा की शुरुआत ऋचा जालान और भावना क्याल के कथक नृत्य से हुई। बनारस घराने की शैली में प्रस्तुत इस नृत्य ने मंच पर अद्भुत ऊर्जा भर दी। जब कलाकारों ने लगातार 57 चक्कर (स्पिन) लगाए तो दर्शक आश्चर्यचकित रह गए और तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा।नृत्य निर्देशन संगीता सिन्हा का रहा, जिन्होंने प्रस्तुति में पारंपरिक सौंदर्य और तकनीकी परिपक्वता का सुंदर समन्वय किया।

Shivratri Sangeet Mahotsav Varanasi : तबले की सजी कचहरी, लय का अद्भुत संवाद
कथक प्रस्तुति में तबले पर किशोर मिश्र ने संगत की, जबकि सहगायन में आनंद किशोर मिश्र और सितार पर मितेश मिश्र ने समवेत संगति दी। इसके बाद उपशास्त्रीय गायक भगीरथ जालान ने अपनी सशक्त प्रस्तुति से समां बांध दिया। तबले पर पं. ललित कुमार की संगत ने प्रस्तुति में चार चांद लगा दिए। विशेष आकर्षण रहे पं. रामकुमार मिश्र, जिन्होंने राहुल मिश्रा, कृष्ण कुमार उपाध्याय और आदित्य मिश्र के साथ तबले की अनूठी जुगलबंदी प्रस्तुत की। सारंगी पर अनीश मिश्रा और हारमोनियम पर हर्षित उपाध्याय ने सुरों की मधुर संगति दी। तबले की पेशकार, कायदा, रेला और तिहाइयों ने श्रोताओं को लय की सूक्ष्मता से परिचित कराया।
Shivratri Sangeet Mahotsav Varanasi : संचालन और उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन सौरभ चक्रवर्ती ने प्रभावी शैली में किया। इस अवसर पर स्वामी अनुभवानंद, केशव जालान और कृष्ण कुमार जालान सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
Shivratri Sangeet Mahotsav Varanasi : बनारस घराने की परंपरा का जीवंत प्रदर्शन
इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि बनारस घराना केवल संगीत की परंपरा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का माध्यम है। शिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह महोत्सव संगीत प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय बन गया। शिवभक्ति, कथक के चक्कर, तबले की गूंज और सुरों की साधना—इन सबने मिलकर वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।