Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपये के 90 के पार गिरने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय करेंसी अपना रास्ता खुद ढूंढ़ लेगी। जानें रुपये की गिरावट के कारण और भारत की ग्रोथ आउटलुक पर मंत्री का पूरा बयान।
Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपये के 90 के पार गिरने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय करेंसी अपना रास्ता खुद ढूंढ़ लेगी। जानें रुपये की गिरावट के कारण और भारत की ग्रोथ आउटलुक पर मंत्री का पूरा बयान।

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार दबाव में है और 4 दिसंबर को यह 90.46 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, भारत–अमेरिका ट्रेड डील में देरी और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता इस गिरावट की बड़ी वजह मानी जा रही है। ऐसे माहौल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने भारतीय करेंसी की मजबूती और भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया।
Rupee vs Dollar : “रुपये को अपना रास्ता खुद ढूंढ़ना होगा”— वित्त मंत्री
हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट (HTLS) के 23वें एडिशन में वित्त मंत्री ने कहा, “रुपये को अपना रास्ता खुद ढूंढ़ना होगा। करेंसी लेवल पर बहस मौजूदा आर्थिक हकीकत के आधार पर होनी चाहिए, न कि पिछली स्थितियों से तुलना करके।” उन्होंने बताया कि भारत की आर्थिक मजबूती, स्थिर ग्रोथ और मजबूत फंडामेंटल्स के बीच करेंसी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।

Rupee vs Dollar : रुपये की गिरावट के पीछे ये हैं मुख्य कारण
- डॉलर की भारी मांग
बाजार में डॉलर की मांग बढ़ी है, जिससे रुपये पर दबाव बना। - FPI की बिकवाली जारी
विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पूंजी निकाल रहे हैं। - भारत–US ट्रेड डील में देरी
द्विपक्षीय ट्रेड समझौते में रुकावट ने करेंसी को प्रभावित किया। - वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव
अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं की करेंसी पर दबाव बढ़ाया।
Rupee vs Dollar : “एक्सपोर्टर्स को मिल सकता है फायदा, लेकिन…”

वित्त मंत्री ने कहा कि जब मुद्रा कमजोर होती है तो एक्सपोर्टर्स को फायदेमंद स्थिति मिलती है। हालांकि उन्होंने कहा कि केवल इसी कारण को रुपये की गिरावट का हल नहीं माना जा सकता। “एक्सपोर्ट को भले थोड़ी राहत मिले, लेकिन करेंसी की मजबूती का आकलन संपूर्ण आर्थिक स्थिति को देखकर ही करना चाहिए।”
Rupee vs Dollar : इकोनॉमी की ग्रोथ- क्या बोलीं वित्त मंत्री
भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत संकेत दे रही है:
GDP ग्रोथ (Q2 FY26): 8.2% — छह तिमाही का उच्चतम स्तर
रिटेल महंगाई (अक्टूबर): 0.25% — रिकॉर्ड निचला स्तर
वित्त मंत्री के अनुसार, “इस साल (FY26) भारत की ग्रोथ 7% या उससे अधिक रहने की उम्मीद है।”
Rupee vs Dollar : जब ग्रोथ मजबूत है, तो रुपया कमजोर क्यों
विशेषज्ञों के अनुसार यह विरोधाभास इसलिए दिख रहा है क्योंकि:
घरेलू विकास दर मजबूत है, लेकिन बाहरी फैक्टर्स ज्यादा प्रभाव डाल रहे हैं।
डॉलर ग्लोबल स्तर पर मजबूत बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों में जा रहे हैं।
Rupee vs Dollar : वित्त मंत्री का कहना है कि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है और रुपया अपनी प्राकृतिक गति से स्थिर स्तर खोज लेगा। इसलिए मौजूदा करेंसी उतार–चढ़ाव को किसी बड़े संकट की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।