Retail Inflation January 2026 : खुदरा महंगाई दर जनवरी में 2.75%: अब 2024 आधार वर्ष पर होगी गणना, CPI की नई श्रृंखला लागू

Retail Inflation January 2026 : जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई दर 2.75% दर्ज की गई। अब CPI की गणना 2012 की जगह 2024 आधार वर्ष पर होगी। NSO ने नई श्रृंखला में 308 वस्तुएं और 50 सेवाएं शामिल की हैं, जिससे महंगाई का आकलन अधिक सटीक होगा।

Retail Inflation January 2026 : भारत में जनवरी 2026 के लिए खुदरा महंगाई (Retail Inflation) के ताजा आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की नई श्रृंखला के अनुसार जनवरी में महंगाई दर 2.75 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा खास इसलिए है क्योंकि अब महंगाई की गणना 2012 के बजाय 2024 को आधार वर्ष मानकर की जा रही है। यह बदलाव न केवल गणना की पद्धति में सुधार को दर्शाता है, बल्कि उपभोक्ता खर्च के बदलते पैटर्न और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते प्रभाव को भी प्रतिबिंबित करता है।

Retail Inflation January 2026 : आधार वर्ष में बड़ा बदलाव: 2012 से 2024

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत NSO ने CPI की नई श्रृंखला जारी की है, जिसमें उपभोक्ताओं की वर्तमान जीवनशैली और खर्च के व्यवहार को ध्यान में रखते हुए व्यापक संशोधन किए गए हैं।

Retail Inflation January 2026 : क्या बदला नई श्रृंखला में?

वस्तुओं की संख्या: 259 से बढ़ाकर 308, सेवाओं की संख्या: 40 से बढ़ाकर 50, नया आधार वर्ष: 2012 की जगह 2024 और डिजिटल और प्रशासनिक स्रोतों का अधिक उपयोग। नई श्रृंखला का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महंगाई के आंकड़े लोगों के वास्तविक उपभोग व्यवहार के अधिक करीब हों।

Retail Inflation January 2026 : खाद्य मुद्रास्फीति रही नियंत्रित

जनवरी में खाद्य मुद्रास्फीति 2.13 प्रतिशत रही, जो कुल महंगाई दर (2.75%) से भी कम है। इसका मतलब है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता देखने को मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य कीमतों में नरमी का असर कुल खुदरा महंगाई दर पर सकारात्मक रूप से पड़ा है।

Retail Inflation January 2026 : CPI बास्केट में शामिल हुए नए आइटम

नई श्रृंखला में बदलती जीवनशैली और डिजिटल खपत को ध्यान में रखते हुए कई नए मद जोड़े गए हैं: ग्रामीण मकान किराया, ऑनलाइन मीडिया सेवाएं, सीएनजी/पीएनजी ईंधन, ओटीटी सब्सक्रिप्शन, टेलीफोन शुल्क रेल और हवाई किराया, डाक शुल्क इन बदलावों से यह स्पष्ट है कि सरकार अब महंगाई के आकलन में डिजिटल सेवाओं और आधुनिक उपभोग के स्वरूप को भी शामिल कर रही है।

Retail Inflation January 2026 : पुरानी और नई श्रृंखला में अंतर

Guwahati, India. 2 August 2023. Variety of pulses or Legume with rate card sample displayed in a wholesale market to sell, in Guwahati, India.

तुलना के लिए, 2012 को आधार मानने वाली पुरानी श्रृंखला के तहत: जनवरी 2025 में खुदरा महंगाई: 4.26% और दिसंबर में महंगाई: 1.33%। आधार वर्ष बदलने और CPI बास्केट के पुनर्गठन के कारण नई और पुरानी श्रृंखला के आंकड़ों में अंतर स्वाभाविक है। विशेषज्ञों के अनुसार, नई श्रृंखला अधिक यथार्थवादी तस्वीर पेश करती है।

Retail Inflation January 2026 : RBI की ब्याज दरों पर क्या असर?

महंगाई दर 4% के लक्ष्य से नीचे रहने के कारण फिलहाल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पर ब्याज दरों को लेकर तात्कालिक दबाव कम माना जा रहा है। हालांकि, केंद्रीय बैंक आगामी महीनों के आंकड़ों पर नजर रखेगा।

Retail Inflation January 2026 : क्या है इस बदलाव का महत्व?

नई CPI श्रृंखला:

महंगाई के आकलन को अधिक व्यापक बनाती है। डिजिटल अर्थव्यवस्था को शामिल करती है। उपभोक्ता व्यवहार के आधुनिक स्वरूप को दर्शाती है। नीति निर्माण के लिए अधिक सटीक डेटा उपलब्ध कराती है।

Retail Inflation January 2026 : कुल मिलाकर, जनवरी 2026 की 2.75% खुदरा महंगाई दर यह संकेत देती है कि मूल्य स्थिति फिलहाल नियंत्रित दायरे में है और नई गणना पद्धति भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान संरचना के अधिक अनुरूप है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *