Rafale Fighter Jet : फ्रांस में राफेल फाइटर जेट के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में सुरक्षा में बड़ी सेंधमारी का मामला सामने आया है। कैमरे वाले चश्मे से जासूसी करते पकड़े गए कर्मचारी को पुलिस के हवाले किया गया। जानें पूरी घटना और भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग पर इसका असर।
Rafale Fighter Jet : राफेल प्लांट में सुरक्षा में बड़ी सेंध

फ्रांस में Dassault Aviation के राफेल फाइटर जेट निर्माण संयंत्र में सुरक्षा में गंभीर सेंधमारी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, एक कर्मचारी को प्लांट के भीतर कैमरे वाला चश्मा पहनकर संवेदनशील क्षेत्रों में काम करते हुए पकड़ा गया। कंपनी ने इस घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए आरोपी कर्मचारी को फ्रांसीसी पुलिस के हवाले कर दिया है। उस पर जासूसी और संवेदनशील रक्षा तकनीक से जुड़ी जानकारी एकत्र करने का आरोप लगाया गया है।
Rafale Fighter Jet : कैसे हुआ खुलासा?
सूत्रों के अनुसार, प्लांट के हाई-सिक्योरिटी जोन में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना सख्त प्रतिबंधित है। सुरक्षा टीम को कर्मचारी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जांच के दौरान पता चला कि उसके चश्मे में छिपा हुआ माइक्रो कैमरा लगा था, जो रिकॉर्डिंग कर रहा था। फैक्ट्री परिसर में बहु-स्तरीय निगरानी व्यवस्था के कारण यह गतिविधि जल्द ही पकड़ में आ गई। इसके बाद आंतरिक जांच शुरू की गई और मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दिया गया।

Rafale Fighter Jet : क्यों है मामला बेहद संवेदनशील?
Dassault Rafale एक 4.5 जेनरेशन का ओमनी-रोल फाइटर जेट है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसमें अत्याधुनिक AESA रडार, मिसाइल इंटीग्रेशन सिस्टम और एडवांस एवियोनिक्स लगे हैं। किसी भी लड़ाकू विमान में मिसाइल और हथियारों का इंटीग्रेशन सबसे संवेदनशील तकनीकी हिस्सा माना जाता है। ऐसे में प्लांट के अंदर से किसी भी प्रकार की जानकारी का लीक होना फ्रांस सहित उन सभी देशों के लिए गंभीर खतरा हो सकता है जो राफेल का संचालन करते हैं।
Rafale Fighter Jet : भारत में ‘Make in India’ के तहत राफेल निर्माण
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत 114 राफेल लड़ाकू विमानों के निर्माण को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार 18 राफेल विमान सीधे फ्रांस से खरीदे जाएंगे। 96 विमान भारत में ही निर्मित किए जाएंगे। कुछ विमान दो-सीटर होंगे, जिनका उपयोग प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। भारत पहले ही अपनी वायुसेना में राफेल को शामिल कर चुका है, जिससे लंबी दूरी तक सटीक हमले की क्षमता बढ़ी है।
Rafale Fighter Jet : भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी और मजबूत

रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग असीमित है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने डिजिटल माध्यम से एच125 हेलीकॉप्टरों की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया। राफेल सौदा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों का प्रमुख स्तंभ माना जाता है।
Rafale Fighter Jet : किन-किन देशों के पास है राफेल?
राफेल फाइटर जेट का संचालन भारत और फ्रांस के अलावा यूएई, मिस्र, इंडोनेशिया जैसे देश भी कर रहे हैं। हाल के वर्षों में इंडोनेशिया ने भी राफेल की बड़ी खरीद का समझौता किया है।
Rafale Fighter Jet : आगे क्या?
फ्रांसीसी पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। यदि जासूसी के आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी कर्मचारी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना वैश्विक रक्षा उद्योग में साइबर और फिजिकल सिक्योरिटी को और मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर करती है।