PM Modi Calls Tarique Rahman : बांग्लादेश में BNP की बंपर जीत के बाद PM मोदी ने तारिक रहमान को लगाया फोन, जानें क्या हुई बात?

PM Modi Calls Tarique Rahman : बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर बधाई दी। जानिए बातचीत में क्या हुआ, कौन हैं तारिक रहमान और उनकी 5 बड़ी राजनीतिक ताकतें।

PM Modi Calls Tarique Rahman : बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद तारिक रहमान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गए हैं। उनकी पार्टी Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इसी बीच भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें फोन कर जीत की बधाई दी और भविष्य के सहयोग का भरोसा जताया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने बातचीत में बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए रहमान के प्रयासों को समर्थन देने की बात कही। उन्होंने भारत और बांग्लादेश के बीच पारंपरिक मित्रता और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा भी जताई। माना जा रहा है कि तारिक रहमान 14 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उनकी वापसी को बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

PM Modi Calls Tarique Rahman : कौन हैं तारिक रहमान?

तारिक रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति Ziaur Rahman और पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia के बड़े बेटे हैं। 1967 में जन्मे रहमान लंबे समय तक पार्टी संगठन के रणनीतिकार रहे हैं। उन्हें ‘डार्क प्रिंस’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने औपचारिक सरकारी पद भले न संभाला हो, लेकिन BNP के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम रही है।

PM Modi Calls Tarique Rahman : तारिक रहमान की 5 बड़ी ताकतें

  1. राजनीतिक विरासत और मजबूत जनाधार

राजनीतिक परिवार में जन्म लेने के कारण उन्हें जमीनी स्तर पर स्वाभाविक समर्थन मिला। उन्होंने इस विरासत को संभालते हुए पार्टी कैडर को एकजुट रखा।

  1. पर्दे के पीछे से रणनीतिक नेतृत्व

2001-2006 के दौरान जब Khaleda Zia प्रधानमंत्री थीं, तब रहमान ने संगठनात्मक रणनीति संभाली। उन्होंने बिना पद पर रहते हुए भी पार्टी के फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  1. विदेश में रहते हुए भी नियंत्रण

2008 में Sheikh Hasina के नेतृत्व में अवामी लीग की सरकार आने के बाद रहमान लंदन चले गए। लेकिन वहां से भी उन्होंने पार्टी की कमान नहीं छोड़ी और डिजिटल माध्यमों से नेतृत्व जारी रखा।

  1. बिना सांसद बने पार्टी पर पकड़

तारिक रहमान कभी संसद सदस्य नहीं रहे, लेकिन संगठन पर उनकी पकड़ इतनी मजबूत रही कि वे कार्यवाहक अध्यक्ष बने और पूरे ढांचे को नियंत्रित करते रहे।

  1. भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना

अवामी लीग शासनकाल में उन पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे। अदालतों में कई मामलों में दोषी भी ठहराए गए, हालांकि उनके समर्थक इन मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हैं। इन विवादों के बावजूद उन्होंने अपनी राजनीतिक पकड़ कमजोर नहीं होने दी।

PM Modi Calls Tarique Rahman : दो सीटों से चुनाव, दोनों पर जीत

इस बार तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगरा-6 सीट से चुनाव लड़ा और दोनों जगह से जीत दर्ज की। इसे उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता और BNP की मजबूत संगठनात्मक क्षमता का संकेत माना जा रहा है।

PM Modi Calls Tarique Rahman : भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या असर?

पीएम मोदी का फोन यह संकेत देता है कि भारत नई सरकार के साथ सकारात्मक और सहयोगात्मक रिश्ते बनाए रखना चाहता है। रक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच पहले से गहरे संबंध रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तारिक रहमान की नीतियों और प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगी। बांग्लादेश की राजनीति में यह बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि दक्षिण एशियाई कूटनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत भी माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 14 फरवरी को संभावित शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं।

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