Nitish Kumar Hijab Controversy : बेंगलुरु के एक वकील ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का कथित रूप से हिजाब हटाने के आरोप को लेकर की गई है। वकील का कहना है कि यह घटना महिला की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है, इसलिए इस मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
Nitish Kumar Hijab Controversy : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक नए विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का कथित तौर पर नकाब (हिजाब) हटाने के मामले में उनके खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। यह शिकायत बेंगलुरु के वकील ओवैज हुसैन एस द्वारा दर्ज कराई गई है, जिसमें मुख्यमंत्री पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
Nitish Kumar Hijab Controversy : क्या है पूरा मामला ?

सोमवार 15 दिसंबर 2025 को पटना सचिवालय संवाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक हजार से अधिक आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस कार्यक्रम में नुसरत परवीन नाम की एक नव-नियुक्त महिला डॉक्टर मंच पर नियुक्ति पत्र लेने पहुंचीं। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर नाराजगी जताते हुए कहा, “यह क्या है?” इसके बाद उन्होंने डॉक्टर नुसरत परवीन के चेहरे से हिजाब हटा दिया, जिससे वह घबरा गईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा।
Nitish Kumar Hijab Controversy : वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में यह भी देखा गया कि मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने की कोशिश करते हुए उनकी आस्तीन खींचते नजर आए। इसके बाद एक अधिकारी तुरंत महिला डॉक्टर को मंच से अलग ले गया।

Nitish Kumar Hijab Controversy : क्या आरोप लगाए गए हैं ?
वकील ओवैज हुसैन एस ने अपनी शिकायत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निम्न आरोप लगाए हैं – महिला के साथ बिना सहमति शारीरिक हस्तक्षेप, महिला की गरिमा भंग, सार्वजनिक अपमान, धार्मिक भावनाओं और गरिमा का उल्लंघन और कथित रूप से यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आने वाला व्यवहार। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक महिला नहीं बल्कि पूरे महिला समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाती है।
Nitish Kumar Hijab Controversy : कहां-कहां दी गई शिकायत
यह शिकायत कई संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थानों को सौंपी गई है, जिनमें शामिल हैं—कर्नाटक राज्य पुलिस के डीजीपी और आईजी
बेंगलुरु पुलिस आयुक्त
कर्नाटक राज्य महिला आयोग
कर्नाटक राज्य मानवाधिकार आयोग
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)
कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग
कर्नाटक सरकार का महिला एवं बाल विकास विभाग
Nitish Kumar Hijab Controversy : जीरो FIR की मांग क्यों ?
शिकायतकर्ता ने तर्क दिया है कि चूंकि वीडियो बेंगलुरु सहित पूरे देश में देखा गया, इसलिए जीरो एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। जीरो FIR का मतलब होता है कि अपराध कहीं भी हुआ हो, FIR किसी भी थाने में दर्ज की जा सकती है।
Nitish Kumar Hijab Controversy : अब तक क्या प्रतिक्रिया आई?
फिलहाल इस मामले पर बिहार सरकार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या संबंधित जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह मामला अब केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि महिला अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक मर्यादा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या वाकई मुख्यमंत्री के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज होती है या नहीं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।