Namo Ghat Boatmen Protest : नमो घाट फेज-2 पर नाविकों का हंगामा- जबरन नाव खुलवाने और लाठीचार्ज के आरोप, प्रशासन पर गंभीर सवाल

Namo Ghat Boatmen Protest : वाराणसी के नमो घाट फेज-2 पर नाविकों का विरोध प्रदर्शन, प्रशासन पर जबरन नाव खुलवाने और लाठीचार्ज के आरोप। जानिए पूरा मामला और नाविकों की मांग।

Namo Ghat Boatmen Protest : वाराणसी। काशी के प्रसिद्ध नमो घाट फेज-2 पर गुरुवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब स्थानीय नाविकों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नाविकों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जबरन उनकी नावें खुलवा दीं और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट तथा लाठीचार्ज किया गया।

Namo Ghat Boatmen Protest : क्या है पूरा मामला?

नमो घाट फेज-2 और अस्सी घाट के बीच नाव संचालन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। गुरुवार सुबह यह विवाद उस वक्त बढ़ गया, जब नाविकों को सूचना मिली कि प्रशासन उनकी नावें जबरन हटा रहा है। सराय मोहाना निवासी सुरेंद्र निषाद ने बताया कि वे सुबह दर्शन कर लौट रहे थे, तभी उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि भारी पुलिस बल के साथ चौकी प्रभारी चंदन कुमार और आदमपुर थाने के इंस्पेक्टर मौजूद थे और नावें खुलवाई जा रही थीं।

Namo Ghat Boatmen Protest : नाविकों का आरोप: लाठीचार्ज और मारपीट

नाविकों का कहना है कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और लाठीचार्ज किया। इस घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में नाविक इकट्ठा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

Namo Ghat Boatmen Protest : पुराने समझौते का हवाला

नाविकों ने बताया कि कुछ समय पहले उनके समाज के अध्यक्ष प्रमोद माझी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें अस्सी घाट के प्रमुख लोगों के साथ स्टांप पेपर पर लिखित समझौता हुआ था। इस समझौते के अनुसार, नाविकों को शाही नाले से लेकर आदि केशव घाट तक नाव बांधने और संचालन की अनुमति दी गई थी। नाविकों का आरोप है कि प्रशासन अब इस समझौते को नजरअंदाज कर रहा है।

Namo Ghat Boatmen Protest : रोजगार पर संकट का आरोप

नाविकों का कहना है कि नमो घाट पर नई आरती शुरू होने के बाद उनकी उम्मीदें बढ़ी थीं और वे पिछले चार महीनों से इसी आस में नाव बांधकर इंतजार कर रहे थे।“हम दो पैसे की कमाई की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने हमारी उम्मीदों पर लाठी बरसा दी।” — सुरेंद्र निषाद
नाविकों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के लालच के चलते प्रशासन को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे उनके रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है।

Namo Ghat Boatmen Protest : प्रशासन पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नाविकों ने मांग की है कि पुराने समझौते को लागू किया जाए और उन्हें पूर्व निर्धारित क्षेत्र में नाव संचालन की अनुमति दी जाए।

Namo Ghat Boatmen Protest : मौजूदा स्थिति

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Namo Ghat Boatmen Protest : नमो घाट फेज-2 का यह विवाद अब केवल स्थानीय स्तर का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह नाविकों के रोजगार और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विवाद और बढ़ सकता है।

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