Mojtaba Khamenei : ईरान में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है। सेना, IRGC और राजनीतिक नेतृत्व ने उनके प्रति वफादारी की शपथ ली है।
Mojtaba Khamenei : ईरान के सर्वोच्च नेता बने मोजतबा खामेनेई, सेना और नेताओं ने ली वफादारी की शपथ, ट्रंप नाखुश

Mojtaba Khamenei : ईरान की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव सामने आया है। आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा हुसैनी खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता घोषित कर दिया गया है। ईरान की 88 सदस्यीय धार्मिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने निर्णायक वोट के साथ उन्हें देश का तीसरा सर्वोच्च नेता चुना है। ईरानी स्टेट मीडिया ने रविवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। जैसे ही यह फैसला सामने आया, देश की सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) और कई बड़े राजनीतिक नेताओं ने नए सर्वोच्च नेता के प्रति वफादारी की शपथ ली।
Mojtaba Khamenei : पिता की विरासत संभालेंगे मोजतबा खामेनेई

मोजतबा खामेनेई, ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे हैं। उनके पिता लगभग तीन दशकों से ज्यादा समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे। उनके निधन के बाद नेतृत्व को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने तेज़ी से फैसला लेते हुए मोजतबा को यह जिम्मेदारी सौंप दी। ईरान में सर्वोच्च नेता का पद देश का सबसे शक्तिशाली पद माना जाता है। राष्ट्रपति और संसद समेत सेना के सभी बड़े फैसलों पर अंतिम अधिकार इसी पद के पास होता है।
Mojtaba Khamenei : सेना और IRGC ने जताई पूरी निष्ठा
फैसले के बाद ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने तुरंत बयान जारी किया। IRGC ने कहा कि वे नए सर्वोच्च नेता के आदेशों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बयान में कहा गया कि देश की सुरक्षा और इस्लामी क्रांति की रक्षा के लिए सेना हर तरह का बलिदान देने के लिए तैयार है। साथ ही संसद के स्पीकर और कई बड़े राजनीतिक नेताओं ने इसे “धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य” बताते हुए मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व का समर्थन किया।
Mojtaba Khamenei : मुश्किल समय में मिला नया नेतृत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई ऐसे समय में सत्ता में आए हैं जब ईरान कई चुनौतियों से जूझ रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव, अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ टकराव, आर्थिक प्रतिबंध, क्षेत्रीय राजनीति में बढ़ती प्रतिस्पर्धा आदि। ईरान के सुरक्षा प्रमुखों का कहना है कि नए सर्वोच्च नेता इस कठिन समय में देश को स्थिरता और दिशा देने में सक्षम हैं।
Mojtaba Khamenei : ट्रंप ने जताई नाराजगी
रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उन्होंने पहले ही ईरान को चेतावनी दी थी कि सत्ता परिवर्तन के फैसले से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि ईरान के नेतृत्व ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए अपने आंतरिक राजनीतिक ढांचे के अनुसार नया सर्वोच्च नेता चुन लिया।

Mojtaba Khamenei : क्यों अहम होता है ईरान का सर्वोच्च नेता
ईरान में सर्वोच्च नेता का पद केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक और सैन्य रूप से भी बेहद शक्तिशाली होता है। सर्वोच्च नेता के अधिकारों में शामिल हैं सेना और सुरक्षा एजेंसियों पर नियंत्रण, न्यायपालिका के प्रमुख की नियुक्ति, महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर अंतिम मंजूरी।
Mojtaba Khamenei : विदेश नीति में निर्णायक भूमिका
इसी वजह से मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता बनना केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरे मध्य पूर्व की राजनीति के लिए एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।