Manikarnika Ghat Controversy : मणिकर्णिका घाट विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान। बोले– काशी की विरासत और विकास को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं, एआई से फैलाया जा रहा झूठ।
Manikarnika Ghat Controversy : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मणिकर्णिका घाट को लेकर चल रहे विवाद और कथित दुष्प्रचार पर शनिवार को कड़ा रुख अपनाया। एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि काशी की ऐतिहासिक विरासत और विकास कार्यों को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीते 11 वर्षों से काशी में चल रही विकास परियोजनाओं को रोकने के लिए सोशल मीडिया और एआई तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रम फैलाया जा रहा है।

Manikarnika Ghat Controversy : काशी अविनाशी है, विकास भी अनवरत रहेगा- CM योगी
सीएम योगी ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सनातन आस्था और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। आज़ादी के बाद लंबे समय तक काशी को उसका वास्तविक स्वरूप और विकास नहीं मिल सका, लेकिन पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी ने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और बुनियादी ढांचे के स्तर पर ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, काशी में अब तक करीब 55 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। इनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया जा चुका है, जबकि शेष योजनाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।
Manikarnika Ghat Controversy : सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग से मजबूत हुआ काशी का कनेक्टिविटी नेटवर्क
सीएम योगी ने बताया कि फोरलेन सड़कों, आधुनिक रेलवे नेटवर्क, हवाई सेवाओं और जलमार्गों के विस्तार से काशी आज देश और दुनिया से बेहतर ढंग से जुड़ चुकी है। काशी रोपवे परियोजना पर भी युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है, जो भविष्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी।
Manikarnika Ghat Controversy : गंगा स्वच्छता और घाटों के कायाकल्प से बदली काशी की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले गंगा जल न स्नान योग्य था और न ही आचमन योग्य, लेकिन आज श्रद्धालु न केवल गंगा में स्नान कर रहे हैं बल्कि आचमन भी कर पा रहे हैं। घाटों का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और नमो घाट देश का सबसे बड़ा घाट बनकर काशी की पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले गया है।
Manikarnika Ghat Controversy : काशी विश्वनाथ धाम- आस्था और सुविधा का संगम
सीएम योगी ने कहा कि पहले बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ता था और सीमित संख्या में ही दर्शन संभव थे। आज 50 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन सहज दर्शन कर गंगा जल से अभिषेक कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि काशी विश्वनाथ धाम के विकास के दौरान किसी भी मंदिर को नहीं तोड़ा गया, बल्कि मंदिरों का संरक्षण, जीर्णोद्धार और पुनर्जीवन किया गया है।
Manikarnika Ghat Controversy : मां अन्नपूर्णा की मूर्ति की वापसी का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने बताया कि मां अन्नपूर्णा की मूर्ति चोरी होकर विदेश चली गई थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वापस लाकर बाबा विश्वनाथ धाम में पुनः स्थापित किया गया। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति और सनातन पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया।
Manikarnika Ghat Controversy : मणिकर्णिका घाट विवाद- अंतिम संस्कार को सम्मानजनक बनाना उद्देश्य
मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के सुंदरीकरण को लेकर सीएम योगी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम संस्कार को सम्मानजनक, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है। यह कार्य सीएसआर फंड से कराया जा रहा है, जिसमें खुले और कवर्ड दाह संस्कार स्थल, 18 आधुनिक प्लेटफॉर्म, रैंप, ड्रेनेज और बेहतर लाइटिंग व्यवस्था और बरसात में गलियों में शवदाह की मजबूरी खत्म करने के लिए ऊपरी प्लेटफॉर्म जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

Manikarnika Ghat Controversy : AI जनरेटेड फर्जी वीडियो और तस्वीरों पर सख्त चेतावनी
सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर एआई तकनीक के जरिए फैलाए जा रहे फर्जी वीडियो और तस्वीरों को गंभीर अपराध बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी मूर्ति या धार्मिक प्रतीक को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। इस तरह का दुष्प्रचार जनभावनाओं से खिलवाड़ है और सरकार इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।
Manikarnika Ghat Controversy : 11 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन विकास का प्रमाण
मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल पिछले वर्ष ही काशी में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जो काशी के विकास और आस्था दोनों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि काशी की विरासत और लोककल्याण से जुड़े विकास कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और विकास की गति आगे भी निर्बाध जारी रहेगी।