Lohta 60 MLD STP : लोहता में 274.31 करोड़ से बनेगा 60 MLD STP, वरुणा में नहीं गिरेगा अब गंदा पानी

Lohta 60 MLD STP : वाराणसी के लोहता में 274.31 करोड़ रुपये की लागत से 60 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनेगा। 13 नालों को टैप कर वरुणा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम, केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने किया निरीक्षण।

Lohta 60 MLD STP : वाराणसी में सीवेज प्रबंधन को बड़ी मजबूती

Lohta 60 MLD STP : वाराणसी। गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। लोहता क्षेत्र में 274.31 करोड़ रुपये की लागत से 60 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाया जाएगा। इस परियोजना को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से हरी झंडी मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इस प्लांट के निर्माण के साथ ही वरुणा नदी में गिरने वाले 13 प्रमुख नालों को टैप किया जाएगा, जिससे अब अशोधित मलजल सीधे नदी में नहीं पहुंचेगा। वरुणा, आदिकेशव घाट पर गंगा में मिलती है, ऐसे में यह परियोजना गंगा की स्वच्छता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Lohta 60 MLD STP : Varuna River और Ganga River को मिलेगा राहत

वरुणा नदी, गंगा की प्रमुख सहायक नदी है और वर्षों से शहर के सीवेज के कारण प्रदूषण की मार झेल रही है। लोहता के दुर्गा नाले के माध्यम से बड़ी मात्रा में अशोधित सीवेज वरुणा में गिरता रहा है। नए 60 एमएलडी एसटीपी के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।

Lohta 60 MLD STP : नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत स्वीकृति

यह परियोजना Namami Gange Programme के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। इसका उद्देश्य न केवल वरुणा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करना है, बल्कि शहरी विस्तार के कारण बढ़ती गंदगी की समस्या को जड़ से समाप्त करना भी है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व जल निगम की गंगा प्रदूषण इकाई ने सर्वे कराया था। वर्ष 2037 तक की संभावित आबादी को ध्यान में रखते हुए 1780.86 करोड़ रुपये की लागत से चार एसटीपी निर्माण का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था।

Lohta 60 MLD STP : भगवानपुर और सूजाबाद में भी चल रहे प्रोजेक्ट

भगवानपुर में 308 करोड़ रुपये की लागत से 55 एमएलडी क्षमता का एसटीपी निर्माणाधीन है। सूजाबाद में 96 करोड़ रुपये की लागत से 7 एमएलडी का एसटीपी बनाया जा रहा है। अस्सी नाले के डायवर्जन के लिए 50 एमएलडी क्षमता का मुख्य पंपिंग स्टेशन (MPS) भी स्थापित किया गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से वाराणसी के अधिकांश क्षेत्रों का सीवेज शोधित होकर ही नदियों में जाएगा।

Lohta 60 MLD STP : केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने किया निरीक्षण

C. R. Patil ने गुरुवार को लोहता के ग्राम बेदौली का दौरा कर परियोजना की ग्राउंड रिपोर्ट का जायजा लिया। उन्होंने तकनीकी पहलुओं और निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा, “गंगा और उसकी सहायक नदियों की निर्मलता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सभी परियोजनाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूरी हों।” मंत्री ने भगवानपुर स्थित 55 एमएलडी एसटीपी और अस्सी नाले के डायवर्जन कार्यों की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

Lohta 60 MLD STP : 13 नालों का होगा पूर्ण नियंत्रण

लोहता एसटीपी के बनते ही वरुणा में गिरने वाले 13 नालों को इंटरसेप्ट और डायवर्ट किया जाएगा। इससे नदी में सीधे गिरने वाला कच्चा सीवेज बंद होगा। जल गुणवत्ता में सुधार आएगा। गंगा-वरुणा संगम क्षेत्र की पारिस्थितिकी बेहतर होगी। शहरी स्वच्छता और जनस्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी।

Lohta 60 MLD STP : 2037 तक की योजना: दीर्घकालिक दृष्टि

सरकार की योजना वर्ष 2037 तक वाराणसी की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए समग्र सीवेज प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की है। 60 एमएलडी लोहता एसटीपी इस व्यापक मास्टर प्लान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Lohta 60 MLD STP : कौन-कौन रहे मौजूद?

निरीक्षण के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जल निगम के अधिशासी अभियंता आशीष सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। लोहता में 60 एमएलडी क्षमता का एसटीपी निर्माण वाराणसी के लिए पर्यावरणीय दृष्टि से ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है। 13 नालों के टैप होने से वरुणा और गंगा दोनों नदियों को प्रदूषण से राहत मिलेगी। नमामि गंगे के तहत चल रही यह पहल शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगी।

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