Kashi Vishwanath Temple Sparsh Darshan : काशी विश्वनाथ मंदिर में 21-22 नवंबर को स्पर्श दर्शन बंद, जानें क्या है वजह

Kashi Vishwanath Temple Sparsh Darshan: गर्भगृह में मार्बल लगाने के कार्य के चलते 21 और 22 नवंबर को स्पर्श दर्शन बंद रहेंगे। सामान्य दर्शन जारी रहेंगे। 23 नवंबर से फिर शुरू होंगे स्पर्श दर्शन।

Kashi Vishwanath Temple Sparsh Darshan : विश्वप्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। मंदिर प्रशासन ने बताया है कि 21 और 22 नवंबर को भक्त बाबा विश्वनाथ का स्पर्श दर्शन नहीं कर सकेंगे। मंदिर के गर्भगृह में चल रहे मरम्मत और मार्बल लगाने के कार्य के कारण दो दिनों के लिए स्पर्श दर्शन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

Kashi Vishwanath Temple Sparsh Darshan : गर्भगृह में चल रहा मार्बल का काम

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने कहा कि गर्भगृह में नए मार्बल लगाए जा रहे हैं। यह कार्य मंदिर के संरक्षण और सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया:

“गर्भगृह में मार्बल लगाने का कार्य पूरा करने में दो दिन का समय लगेगा। इसलिए 21 और 22 नवंबर को स्पर्श दर्शन बंद रहेंगे। 23 नवंबर से स्पर्श दर्शन पूर्ववत शुरू हो जाएंगे।”

Kashi Vishwanath Temple Sparsh Darshan : भीड़ के बीच व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने की कोशिश

दीपावली और देव दीपावली के अवसर पर इन दिनों काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अक्टूबर-नवंबर में मंदिर में आने वालों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। प्रशासन के अनुसार, ऐसे समय में गर्भगृह में चल रहे निर्माण को जल्द और सुरक्षित तरीके से पूरा करना आवश्यक है।

Kashi Vishwanath Temple Sparsh Darshan : क्या रहेगा बंद और क्या खुलेगा

स्पर्श दर्शन (Touch Darshan): 21 और 22 नवंबर को पूरी तरह बंद
सामान्य दर्शन (Regular Darshan): पूरी तरह सामान्य, बंद नहीं
23 नवंबर से: स्पर्श दर्शन फिर से शुरू

Kashi Vishwanath Temple Sparsh Darshan : भक्तों के लिए अपील

मंदिर प्रशासन ने भक्तों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि जो लोग इन दो दिनों में मंदिर आने की योजना बना रहे हैं, वे दूर से दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि निर्माण कार्य के दौरान भक्तों की सुरक्षा और सामान्य दर्शन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *