IndiGo Crisis : इंडिगो संकट के बाद बढ़ी नियामकीय सख्ती, 24×7 ऑपरेशंस पर रहेगी CCI और DGCA की नजर

IndiGo Crisis : इंडिगो एयरलाइंस के उड़ान रद्दीकरण संकट के बाद CCI और DGCA ने जांच तेज कर दी है। 65% बाजार हिस्सेदारी वाली एयरलाइन पर अब 24×7 नियामकीय नजर रहेगी।

IndiGo Crisis : देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) को दिसंबर की शुरुआत में बड़े परिचालन संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानों के अचानक रद्द होने से देशभर के एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी मच गई थी और हजारों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। अब इस पूरे मामले पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) दोनों की कड़ी नजर बनी हुई है।

IndiGo Crisis : CCI ने शुरू की प्रतिस्पर्धा कानून के तहत जांच

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि इंडिगो के खिलाफ प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रारंभिक जांच के बाद विस्तृत जांच आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। CCI को यह शिकायतें विभिन्न रूट्स पर उड़ानों में आई बाधाओं और व्यापक रद्दियों को लेकर मिली थीं। आयोग के अनुसार, प्रारंभिक आकलन में यह सामने आया है कि मामला केवल परिचालन गड़बड़ी तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसमें प्रतिस्पर्धा कानूनों के उल्लंघन की भी आशंका है, जिस कारण आगे जांच जरूरी मानी गई।

IndiGo Crisis : 65% से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी पर उठे सवाल

गौरतलब है कि इंडिगो की घरेलू विमानन बाजार में 65 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। ऐसे में उसके ऑपरेशंस में आई किसी भी बड़ी बाधा का असर न सिर्फ यात्रियों पर, बल्कि पूरे एविएशन सेक्टर पर पड़ता है। इसी वजह से विशेषज्ञों और कुछ हलकों में यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इंडिगो की मजबूत बाजार स्थिति ने प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया? क्या उड़ानों की रद्दीकरण नीति से यात्रियों के विकल्प सीमित हुए?

IndiGo Crisis : DGCA भी कर रहा अलग से जांच

CCI के साथ-साथ विमानन सुरक्षा नियामक DGCA भी इंडिगो के परिचालन प्रबंधन, उड़ानों की रद्दीकरण प्रक्रिया और यात्रियों के साथ किए गए व्यवहार की अलग से जांच कर रहा है। DGCA यह भी देख रहा है कि क्या उड़ान रद्द करने से पहले सभी नियामकीय दिशानिर्देशों का पालन किया गया? यात्रियों को समय पर जानकारी और मुआवजा दिया गया या नहीं?

IndiGo Crisis : इंडिगो CEO का बयान

इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों और यात्रियों को भरोसा दिलाया है कि कंपनी अब सबसे बुरे दौर से बाहर निकल चुकी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशंस को मजबूत किया जा रहा है। संकट के मूल कारणों की समीक्षा हो रही है। यात्रियों का भरोसा दोबारा जीतना प्राथमिकता है।

IndiGo Crisis : आगे क्या हो सकता है ?

जब तक CCI और DGCA की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इंडिगो पर नियामकीय दबाव बना रहेगा। अब यह देखना अहम होगा कि क्या उड़ानों की रद्दी केवल परिचालन चूक मानी जाएंगी या फिर प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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