Indian Rupee vs US Dollar : डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ा दबाव

Indian Rupee vs US Dollar : मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 92.36 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। जानिए रुपये में गिरावट की बड़ी वजहें और आगे क्या हो सकता है।

Indian Rupee vs US Dollar : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार को भारतीय रुपया अमेरिकी मुद्रा United States Dollar के मुकाबले गिरकर 92.36 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.25 के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान और कमजोर होकर 92.32 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को रुपया 92.01 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस तरह एक ही दिन में रुपये में करीब 31 पैसे की गिरावट दर्ज की गई।

Indian Rupee vs US Dollar : रुपये में गिरावट की बड़ी वजहें

विदेशी मुद्रा बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय मुद्रा में आई कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं।

  1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

वैश्विक तेल मानक Brent Crude की कीमतों में अचानक तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 9.94% बढ़कर 101.12 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत अपनी तेल जरूरतों का 80% से ज्यादा आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर आयात बिल बढ़ जाता है और तेल कंपनियों को अधिक डॉलर खरीदने पड़ते हैं, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ता है।

  1. डॉलर की मजबूती

वैश्विक बाजार में United States Dollar लगातार मजबूत हो रहा है। डॉलर के मजबूत होने से उभरते बाजारों की मुद्राएं कमजोर पड़ती हैं और इसका सीधा असर भारतीय रुपये पर पड़ता है।

  1. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 6,267.31 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इससे भारतीय बाजार में डॉलर की मांग बढ़ी और रुपये पर दबाव और तेज हो गया।

Indian Rupee vs US Dollar : शेयर बाजार पर भी दिखा असर

रुपये की कमजोरी और वैश्विक तनाव का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ा। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 992.53 अंक गिरकर 75,871.18 पर पहुंच गया। Nifty 50 310.55 अंक टूटकर 23,556.30 के स्तर पर आ गया। बाजार में निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल देखने को मिला।

Indian Rupee vs US Dollar : मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी चिंता

तेल की कीमतों में यह उछाल ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में Iraq के समुद्री क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर हमले की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने लगी हैं।

Indian Rupee vs US Dollar : आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहा और तेल की कीमतें ऊंची रहीं, तो भारतीय रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है।हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक बाजार में हस्तक्षेप कर रुपये की अत्यधिक गिरावट को रोकने की कोशिश कर सकता है।

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