FPI Inflow : India-US Trade Deal का असर- विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में दमदार वापसी, फरवरी में ₹19,675 करोड़ का निवेश

FPI Inflow : भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार में भरोसा लौटा है। फरवरी 2026 में अब तक 19,675 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जिससे बाजार में उत्साह का माहौल है।

FPI Inflow : India-US Trade Deal का असर; विदेशी निवेशकों का बदला रुख, फरवरी में ₹19,675 करोड़ का निवेश

FPI Inflow : भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील का असर अब भारतीय शेयर बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। लंबे समय से जारी विदेशी बिकवाली के बाद अब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय बाजार में जोरदार वापसी की है। फरवरी 2026 के पहले दो हफ्तों में ही विदेशी निवेशकों ने 19,675 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार 13 फरवरी तक दर्ज यह निवेश पिछले तीन महीनों की लगातार निकासी के बाद एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे घरेलू निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होने की उम्मीद है।

FPI Inflow : लगातार बिकवाली के बाद बदला ट्रेंड

बीते कुछ महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से भारी निकासी की थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2026: ₹35,962 करोड़ की निकासी, दिसंबर 2025: ₹22,611 करोड़ की निकासी, नवंबर 2025: ₹3,765 करोड़ की निकासी रही। साल 2025 में कुल मिलाकर विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से लगभग ₹1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे। ऐसे में फरवरी 2026 में आया यह सकारात्मक निवेश ट्रेंड बाजार के लिए राहत भरा संकेत है।

FPI Inflow : ट्रेड डील और वैश्विक संकेतों का असर

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हाल के दिनों में महंगाई के नरम आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर सकारात्मक संकेतों ने जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे उभरते बाजारों में अब निवेशकों की दिलचस्पी फिर बढ़ रही है।

FPI Inflow : क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

Morningstar Investment Research India के मैनेजमेंट हेड-रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव के अनुसार, हाल में दिखी विदेशी खरीदारी के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता के माहौल में आई नरमी अहम कारण है। अमेरिका के नरम महंगाई आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है, जिससे वे भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ा रहे हैं। वहीं Angel One के वरिष्ठ बुनियादी विशेषज्ञ वकारजावेद खान का कहना है कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौता, 2026-27 के आम बजट का सकारात्मक प्रभाव और वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी ने विदेशी निवेशकों के विश्वास को बढ़ाया है।

FPI Inflow : घरेलू निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी। सेंसेक्स और निफ्टी को सपोर्ट मिल सकता है। मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में तेजी आ सकती है।निवेशकों का मनोबल मजबूत होगा। हालांकि विशेषज्ञ अभी भी निवेशकों को सतर्क रहने और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

FPI Inflow : India-US Trade Deal के बाद भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी एक सकारात्मक संकेत है। फरवरी 2026 में अब तक 19,675 करोड़ रुपये का निवेश यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में भारतीय बाजार में स्थिरता और मजबूती देखने को मिल सकती है।

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