Bangladesh Hindu Lynching : बांग्लादेश में हिंदू युवकों की लिंचिंग और अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा को लेकर भारत ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। विदेश मंत्रालय ने इन घटनाओं को नजरअंदाज न किए जाने की बात कही।
Bangladesh Hindu Lynching : भारत ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और लिंचिंग की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस को स्पष्ट संदेश दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इन घटनाओं को “राजनीतिक हिंसा” बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा हम दीपू दास की हत्या की कड़ी निंदा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
Bangladesh Hindu Lynching : 2900 से अधिक हिंसक घटनाओं का दावा
विदेश मंत्रालय ने खुलासा किया कि मौजूदा अंतरिम सरकार के कार्यकाल में करीब 2900 हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें हत्या, आगजनी, जबरन जमीन कब्जाने और भीड़ हिंसा जैसी घटनाएं शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि इन घटनाओं को केवल चुनावी राजनीति से जोड़कर खारिज नहीं किया जा सकता।

Bangladesh Hindu Lynching : हिंदू युवकों की नृशंस हत्या से मचा बवाल
हाल के दिनों में बांग्लादेश में कट्टरपंथी भीड़ द्वारा की गई हत्याओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। दीपू दास नामक हिंदू युवक की हत्या कर उसका शव पेड़ से लटकाकर जला दिया गया। इसके बाद राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल उर्फ सम्राट को भी पीट-पीटकर मार डाला गया। इन घटनाओं के बाद भारत समेत कई देशों में यूनुस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
Bangladesh Hindu Lynching : फरवरी 2025 चुनाव और तारिक रहमान की वापसी
बांग्लादेश में फरवरी 2025 में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। इसी बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है। BNP के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 वर्षों बाद ढाका लौटे। एयरपोर्ट पर नंगे पैर जमीन पर खड़े होकर उन्होंने अपनी राजनीतिक वापसी को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया।
Bangladesh Hindu Lynching : भारत की दो टूक- निष्पक्ष और समावेशी चुनाव जरूरी

तारिक रहमान की वापसी और आगामी चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत चाहता है कि बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव हों। हम बांग्लादेश के नागरिकों के साथ अच्छे संबंधों के लिए प्रतिबद्ध हैं और वहां शांति एवं स्थिरता की उम्मीद करते हैं। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि हर वर्ग और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि जनता की आवाज दबाई न जाए।
Bangladesh Hindu Lynching : अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें भी यूनुस सरकार पर टिक गई हैं। मानवाधिकार संगठनों और प्रवासी बांग्लादेशी समुदाय द्वारा विभिन्न देशों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। भारत का यह बयान साफ संकेत देता है कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को लेकर अब कूटनीतिक स्तर पर भी सख्ती बढ़ेगी। बांग्लादेश में चुनावी माहौल के बीच यह मुद्दा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।