India Oil Supply Strategy : मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच भारत सरकार ने तेल और गैस आपूर्ति को लेकर बड़ी रणनीति बनाई है। पीएम मोदी ने मंत्रियों को जनता का भरोसा बनाए रखने और एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता का संदेश देने के निर्देश दिए।

India Oil Supply Strategy : नई दिल्ली, मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच भारत सरकार ने तेल और गैस आपूर्ति को लेकर बड़ी रणनीतिक तैयारी कर ली है। मंगलवार (10 मार्च) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने साफ संकेत दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे जनता के बीच जाकर भरोसा कायम रखें और यह स्पष्ट करें कि भारत के पास पर्याप्त तेल और गैस का भंडार मौजूद है।
India Oil Supply Strategy : कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी का स्पष्ट संदेश
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात के बीच जनता को भरोसे में लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतें अभी स्थिर हैं और देश में किसी प्रकार की आपूर्ति संकट की स्थिति नहीं है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने पहले से ही सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम तैयार कर रखा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारत के घरेलू बाजार पर कम से कम पड़े। मंत्रियों को निर्देश दिया गया कि वे लोगों को यह भी बताएं कि भारत ने ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कई वैकल्पिक रास्ते तैयार किए हैं।

India Oil Supply Strategy : कच्चे तेल और गैस की रणनीति में बड़ा बदलाव
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सरकार ने खासतौर पर घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इसके साथ ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं के साथ सीधे संवाद बनाए रखें, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
India Oil Supply Strategy : आपूर्ति पर नजर रखने के लिए हाई-लेवल कमेटी
ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए सरकार ने एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लेने की जिम्मेदारी भी निभा रही है। सरकारी अधिकारियों का दावा है कि भारत ने न केवल घरेलू उत्पादन बढ़ाया है बल्कि आयात के लिए वैकल्पिक समुद्री मार्गों का भी उपयोग शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक संकट के बावजूद आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
India Oil Supply Strategy : एलपीजी सिलेंडर के लिए क्यों लग रही हैं कतारें

हाल के दिनों में कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर के लिए कतारें देखने को मिली हैं। हालांकि सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह किसी कमी की वजह से नहीं बल्कि अचानक बढ़ी मांग के कारण हुआ है। बताया जा रहा है कि जो उपभोक्ता पहले एक से डेढ़ महीने में सिलेंडर बुक करते थे, वे अब 15 से 20 दिन के भीतर ही दोबारा सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं। इसी वजह से कुछ जगहों पर भीड़ दिखाई दे रही है।
India Oil Supply Strategy : एलपीजी उत्पादन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी
सरकार के मुताबिक पिछले दो दिनों में देश में एलपीजी उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। फिलहाल गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद डिलीवरी में औसतन ढाई दिन का समय लग रहा है। हालांकि नई बुकिंग अब 25 दिन बाद ही की जा सकेगी ताकि सप्लाई को संतुलित रखा जा सके।
India Oil Supply Strategy : रोजाना 60 लाख गैस सिलेंडर की सप्लाई
सरकारी सूत्रों ने बताया कि देश में रोजाना करीब 60 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जाते हैं और फिलहाल वितरण की यही व्यवस्था जारी है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर भविष्य में हालात और गंभीर होते हैं, तब भी घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और गैस आपूर्ति पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
India Oil Supply Strategy : सरकार का दावा: भारत मजबूत स्थिति में
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारी कर ली थी। इसी वजह से मौजूदा वैश्विक संकट के बावजूद देश की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में ज्यादा मजबूत है। सरकार ने साफ किया है कि पेट्रोल पंप और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।