India Oil Supply Status : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-इज़राइल और अमेरिका के बीच हालात को लेकर भारत सरकार ने सर्वदलीय बैठक में स्थिति स्पष्ट की। करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में पेट्रोलियम और विदेश मंत्रालय ने विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया और देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर आश्वस्त किया।

India Oil Supply Status : पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं- सरकार
सरकार ने साफ किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। हालांकि कुछ जगहों पर कमी की खबरों पर सरकार ने कहा कि यह वास्तविक कमी नहीं, बल्कि सप्लाई चेन की अस्थायी बाधा की वजह से हो सकता है।
India Oil Supply Status : स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से निकले 4 भारतीय जहाज

वैश्विक चिंता के केंद्र बने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर भी बैठक में चर्चा हुई। सरकार ने बताया कि अब तक भारत के 4 जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं। कुछ और जहाज जल्द निकलने वाले हैं। कई देशों के जहाज अभी भी वहां फंसे हुए हैं। इसे भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।
India Oil Supply Status : पाकिस्तान की मध्यस्थता पर क्या कहा?
पाकिस्तान की मध्यस्थता के सवाल पर सरकार ने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। 1981 से अमेरिका पाकिस्तान के जरिए ईरान से संवाद करता रहा है। इससे साफ किया गया कि मौजूदा घटनाक्रम कोई नया कूटनीतिक प्रयोग नहीं है।
India Oil Supply Status : पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत
सरकार ने जानकारी दी कि नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई है। इस दौरान भारत का स्पष्ट रुख रखा गया। “हमको वॉर नहीं चाहिए” यह संदेश भारत की शांति और संतुलन आधारित विदेश नीति को दर्शाता है।

India Oil Supply Status : विपक्ष की चिंता और सरकार का जवाब
विपक्ष ने कुछ अहम मुद्दे उठाए-कोविड पर प्रधानमंत्री के बयान से पैनिक की आशंका। कुछ इलाकों में ईंधन की कमी। सरकार ने जवाब दिया कि पैनिक जैसी कोई स्थिति नहीं है। यदि कहीं समस्या है, तो उसे तुरंत देखा जा रहा है।
India Oil Supply Status : संकट में एकजुटता- किरेन रिजिजू
किरण रिजिजू ने कहा कि सभी दलों ने बैठक में सक्रिय भाग लिया। सभी ने अपनी चिंताएं रखीं। संकट की घड़ी में सभी दल एकजुट हैं।
India Oil Supply Status : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ऊर्जा सप्लाई को स्थिर बनाए रखा। अपने जहाजों को सुरक्षित निकाला। कूटनीतिक संतुलन बनाए रखा। यह दर्शाता है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत अपनी रणनीतिक तैयारी और मजबूत विदेश नीति के दम पर हालात संभाल रहा है।