ICSSR Research Methodology Course : भारतीय ज्ञान परंपरा से परिष्कृत हो शोध – प्रो. आनन्द कुमार त्यागी

ICSSR Research Methodology Course : काशी विद्यापीठ में आईसीएसएसआर प्रायोजित दस दिवसीय शोध पद्धति पाठ्यक्रम का शुभारंभ, भारतीय ज्ञान परंपरा, समावेशी विकास और मानवीय मूल्यों पर शोध पर वक्ताओं का जोर।

ICSSR Research Methodology Course : महामना मदनमोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा आयोजित एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित दस दिवसीय ‘सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी शोधार्थियों के लिए शोध पद्धति और अकादमिक लेखन’ विषयक पाठ्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को हुआ। यह पाठ्यक्रम 02 फरवरी से 11 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

डॉ. भगवान दास केन्द्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज पर गहरा प्रभाव डालती है और वर्तमान तकनीकी युग में इसका मानव कल्याण के लिए उपयोग एक बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि तकनीक के कारण आंकड़े भले ही तेजी से उपलब्ध हो रहे हों, लेकिन मानवीय मूल्यों से युक्त गुणवत्तापूर्ण शोध आज भी सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रो. त्यागी ने जोर देते हुए कहा कि शोध भारतीय मूल्यों से निहित, परिमार्जित एवं परिष्कृत होना चाहिए, तभी वह समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

ICSSR Research Methodology Course : कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पांचजन्य के पूर्व संपादक एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. जगदीश उपासने ने भारतीय ज्ञान परंपरा की महान विभूतियों — बौधायन, आर्यभट्ट, नागार्जुन और पाणिनि — का उल्लेख करते हुए कहा कि शोध भारत का स्वभाव रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शोध के क्षेत्र में बदलाव तो हो रहे हैं, लेकिन समाज का एक बड़ा वर्ग अब भी इससे वंचित है। ऐसे में लैंगिक समानता, सामाजिक समरसता, जेन जेड (GEN Z) जैसे समकालीन विषयों पर शोध को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शोध में समावेशी विकास को अनिवार्य रूप से सम्मिलित करना होगा।

ICSSR Research Methodology Course : सारस्वत अतिथि, जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा (बिहार) के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने कहा कि शोध भारतीय ज्ञान परंपरा का प्राचीन काल से ही अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने मारकंडेय पुराण के दुर्गा सप्तशती का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें ही शोध के निहितार्थ समाहित हैं — आत्म तत्व, विद्या तत्व, शिव तत्व और सर्व तत्व का शोधन। उन्होंने कहा कि प्रश्न करना शोध की आत्मा है और शोध की प्रक्रिया तत्व मीमांसा, ज्ञान मीमांसा से होते हुए मूल्य मीमांसा तक जाती है। प्रो. सिंह ने शोध के चार महत्वपूर्ण ‘Q’ बताए — Quest (जिज्ञासा), Question (प्रश्न), Quotient (बौद्धिक क्षमता) और Quality (गुणवत्ता)। उन्होंने कहा कि शोध का उद्देश्य राष्ट्रधर्म सर्वोपरि होना चाहिए।

ICSSR Research Methodology Course : तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रो. एम. शफे किदवई ने सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान की प्रकृति, उद्देश्य, दायरा एवं भारत में अनुसंधान परंपराओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रश्न पूछना ही शोध की बुनियाद है।
प्रो. किदवई ने तकनीक और एआई पर चर्चा करते हुए कहा कि तकनीक ने शोध को आसान भी बनाया है और चुनौतीपूर्ण भी। एआई के माध्यम से डाटा तो आसानी से मिल रहा है, लेकिन मानवीय पक्ष कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने जनसंचार के क्षेत्र में मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में रखकर शोध करने पर जोर दिया।

इस दस दिवसीय शोध पद्धति पाठ्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से स्क्रीनिंग के बाद चयनित 30 शोधार्थी भाग ले रहे हैं, जो सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी के क्षेत्र में शोधरत हैं।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण पाठ्यक्रम निदेशक एवं संस्थान निदेशक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने दिया। संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह ने प्रस्तुत किया।

ICSSR Research Methodology Course : इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, डॉ. दयानंद, डॉ. नागेंद्र पाठक, डॉ. श्रीराम त्रिपाठी, डॉ. शिवजी सिंह, डॉ. मुंकेश कुमार शुक्ल, डॉ. अमित कुमार सिंह, विजय सिंह, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. वैष्णवी शुक्ला, डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय, खुश्बू सिंह, अरविंद मिश्र, गुरू प्रकाश सिंह, देवेन्द्र गिरि, गणेश राय, आकाश सिंह, सपना तिवारी, डाली विश्वकर्मा, अतुल उपाध्याय, पुलकित, स्तुति, समर, शाजिया, जूली, जाह्नवी, अनुष्का, रिया, हर्षिता, शिवांगी, मनीष आदि उपस्थित रहे।

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