Holika Mahotsav Varanasi : वाराणसी के कैलाश मठ में मानस मण्डल बिरदोपुर और माहेश्वरी परिषद के संयुक्त तत्वाधान में भव्य होलिका महोत्सव का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, राजस्थानी लोकनृत्य और सामाजिक एकता के संदेश के साथ उत्सव धूमधाम से मनाया गया।
Holika Mahotsav Varanasi : वाराणसी। धर्मनगरी वाराणसी में कैलाश मठ के प्रांगण में सोमवार को मानस मण्डल बिरदोपुर एवं माहेश्वरी परिषद वाराणसी के संयुक्त तत्वाधान में पारंपरिक एवं सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होलिका महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन पिछले कई वर्षों से निरंतर होता आ रहा है और हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी इसे अत्यंत उत्साह, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया।
Holika Mahotsav Varanasi : सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कमान माहेश्वरी कला संस्कृति की अध्यक्ष पूजा चाण्डक और उनकी टीम ने संभाली। उनके साथ स्नेहा मूंढड़ा एवं मोनिका कोठारी ने भी विशेष भूमिका निभाई। रंगारंग प्रस्तुतियों में महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। राजस्थानी लोकसंस्कृति की छटा बिखेरते हुए ढप की थाप पर पारंपरिक गीतों और नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान श्री मांगीलाल जी सारडा, प्रदीप जी जाजू, ओम जी सारडा एवं नंदू सोनी ने राजस्थानी ढप की जिम्मेदारी संभाली, जिससे वातावरण पूरी तरह होलीमय हो उठा।

Holika Mahotsav Varanasi : आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम सलाहकार के रूप में रामजी लाल जी चाडक (लाला भैया) ने मार्गदर्शन प्रदान किया, जबकि कार्यक्रम संयोजक चाढ़मल असावा, अनिल मुंदड़ा एवं कृष्ण कुमार काबरा ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। माहेश्वरी परिषद के अध्यक्ष दीपक माहेश्वरी और मंत्री राकेश कचोलिया की देखरेख में पूरे आयोजन की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संपन्न हुईं। महिला संगठन का भी इस आयोजन में विशेष योगदान रहा, जिससे कार्यक्रम और भी भव्य बन सका।

Holika Mahotsav Varanasi : पारंपरिक आस्था और सामाजिक एकता का संगम
होलिका महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम भी है। कैलाश मठ के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर भाईचारे और समरसता का संदेश दिया। उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने होलिका दहन की परंपरा निभाई और सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों की प्रस्तुतियों और महिलाओं की सहभागिता ने आयोजन में नई ऊर्जा का संचार किया।